अतीत की परछाइयाँ
एक पुराना अपराध वर्षों बाद लौटकर सोनिया के वर्तमान को हिला देता है. बेटे के अपहरण से खुलते अतीत के रहस्य में अपराध, प्रतिशोध, पश्चाताप और न्याय आमने-सामने खड़े दिखाई देते हैं.

एक पुराना अपराध वर्षों बाद लौटकर सोनिया के वर्तमान को हिला देता है. बेटे के अपहरण से खुलते अतीत के रहस्य में अपराध, प्रतिशोध, पश्चाताप और न्याय आमने-सामने खड़े दिखाई देते हैं.
जब प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं रहता, तब नीरवता भी बहुत कुछ कहने लगती है. ‘मौन प्रेम की ऋचाएँ’ अनकहे प्रेम और आत्मीय एहसासों की संवेदनशील अभिव्यक्ति है.
ढलती सांझ, खामोश हवा और डूबते सूरज की किरणों में किसी अपने की याद. ‘सुनहरी ढलती सांझ’ प्रेम, विरह और इंतज़ार की भावनाओं को शब्द देती खूबसूरत कविता है.
वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा ने बड़े-बड़े लोगों से बेबाक बातचीत की है, लेकिन अवधेशानंदजी महाराज के सामने उनकी सहजता में एक अलग ही भाव दिखाई दिया. यह मुलाकात सम्मान, आत्मीयता और लंबे समय से संजोई इच्छा की कहानी है.
शावर भकत ‘भवानी ‘ गलतियाँ भीसही होने या सही करने के लिएनैसर्गिक मार्गदर्शक बनकरस्व-पथ निर्माताबनने की ओर ले जाती हैं। विदित है किगलतियों के भय सेअकर्मण्य बने रहनागलतियों में ही विद्यमान होना है। वस्तुतः गलती नहीं करनानवीन सीखने की चेष्टा मात्र से भीपृथक हो जाना है। तर्कसंगत भी है कि गलतियाँकिए बिना सीखना असंभव है।…
एक वास्तुविद् घर का निरीक्षण करने आता है, लेकिन परिवार के आपसी प्रेम, सम्मान और सामंजस्य को देखकर उसे एहसास होता है कि ऐसे घर में किसी वास्तुदोष की गुंजाइश ही नहीं।
आत्मनिर्भरता केवल दूसरों पर निर्भर न रहने का नाम नहीं, बल्कि अपनी ताकत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीने की कला है।
पोते रवि के लौटने से श्याम बाबू की सूनी जिंदगी में खुशियाँ लौट आती हैं, लेकिन पुराने घर की दीवारें उन्हें उस बेटे मोहन की याद दिलाती हैं, जिसका आज भी इंतजार है।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरिजी महाराज के 94वें प्राकट्य दिवस पर उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संतों की सामाजिक भूमिका और आगामी सिंहस्थ की तैयारियों पर चर्चा की.