घट-घट में बसे हैं राम
हर कण में, हर श्वास में, हर भाव में राम का वास है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि सच्ची शांति बाहर नहीं, बल्कि अपने ही हृदय में बसे राम के स्मरण में है।

हर कण में, हर श्वास में, हर भाव में राम का वास है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि सच्ची शांति बाहर नहीं, बल्कि अपने ही हृदय में बसे राम के स्मरण में है।
मर्यादा, त्याग और सत्य की अनुपम मिसाल— श्रीराम के जीवन पर आधारित यह प्रेरणादायक हिंदी कविता भक्ति और धर्म का गहरा संदेश देती है। इस सुंदर रचना के माध्यम से जानिए कैसे श्रीराम के आदर्श आज भी हमारे जीवन को दिशा देते हैं।
विंध्यवासिनी माता को समर्पित यह भक्ति कविता भक्तों की आस्था, श्रद्धा और समर्पण को दर्शाती है। इसमें माता के श्रृंगार, छप्पन भोग, नवरात्रि उत्सव और भक्तों की भावनाओं का सुंदर चित्रण किया गया है। यह कविता नवरात्रि के पावन अवसर पर पढ़ने योग्य एक उत्कृष्ट रचना है।
नवरात्रि हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह पर्व आध्यात्मिक शुद्धि, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। खासतौर पर चैत्र नवरात्रि का महत्व अधिक होता है, जो बसंत ऋतु के साथ नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आता है। इस दौरान भक्त पूजा, उपवास, हवन और भक्ति के माध्यम से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
“कलश स्थापना एवं महत्व” एक आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक लेख है, जो नवरात्रि के पावन अवसर पर किए जाने वाले इस महत्वपूर्ण अनुष्ठान की गहराई को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जिसमें देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है।
उज्जैन में हिंदू नववर्ष 2083 की शुरुआत रामघाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ और सूर्य अर्घ्य के साथ हुई. चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर मंदिरों में विशेष पूजा और आयोजन शुरू हो गए हैं.
मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में होली और रंगपंचमी के अवसर पर लगने वाला डोल मेला आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। झरावदा, गोगापुर और कसारी जैसे गांवों में श्रद्धालु अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
सिंहस्थ 2028 के लिए प्रशासन ने भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन का बड़ा खाका तैयार किया है। घाट से 1–2 किमी की परिधि में 3-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें 5 से 7 लाख वाहनों की क्षमता होगी। फोर-लेन और सिक्स-लेन मार्गों से जुड़ी पार्किंग, अंडरपास और वैकल्पिक रूट के जरिए श्रद्धालुओं को कम पैदल दूरी और तेज निकासी का अनुभव देने की तैयारी है।
मातृशक्ति भजन मंडली न्यू शिवाजी नगर के फाग उत्सव 2026 में राधा-कृष्ण झांकी, भजन और रंग-गुलाल की मस्ती ने माहौल को भक्तिमय और आनंदमय बना दिया।
महाशिवरात्रि 2026 के दौरान श्री क्षेत्र भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर भक्तों के लिए बंद रहेगा. नए भव्य सभामंडप, सीढ़ी मार्ग और परिसर विकास कार्यों के चलते सुरक्षा कारणों से जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है. 12 से 18 फरवरी तक मंदिर में दर्शन संभव नहीं होंगे.