साध्वी शाश्वतप्रिया म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश
महिदपुर रोड में साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश। गुरुदेव जयघोष, धर्मसभा और रतलाम चातुर्मास निमंत्रण।

महिदपुर रोड में साध्वी श्री शाश्वतप्रिया जी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश। गुरुदेव जयघोष, धर्मसभा और रतलाम चातुर्मास निमंत्रण।
“महिदपुर रोड में RSS शताब्दी वर्ष के अवसर पर भगवा रैली, रथ पर राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान, लोग फूल बरसा रहे हैं।”
महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
महिदपुर रोड पर पूज्य साध्वी श्री चारित्रकला जी म.सा. की पावन निश्रा में बरडिया परिवार द्वारा मेरु तेरस तप की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। घी के मेरु के साथ तपस्वी ने नगर में जयघोष करवाए और जैन समाज के लोग धर्मलाभ प्राप्त किए।
पुणे में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी बुक घर तक मंगवाने की सुविधा अब महंगी हो गई है। परिवहन विभाग ने होम डिलिवरी शुल्क 58 से बढ़ाकर 70 रुपये कर दिया है।
अखिल भारतीय राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद शाखा महिदपुर रोड द्वारा शत्रुंजय महातीर्थ पालीताणा की 7 यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले तपस्वी अंकित बोथरा का भव्य स्वागत एवं बहुमान किया गया।
पाबल स्थित श्री पद्मप्रभ स्वामी जिनालय में आयोजित प्रवचन सभा में आचार्य श्री राजरक्षितसूरिजी ने कहा कि दुनिया में सबसे बड़ा अकाल पानी, अनाज या पेट्रोल का नहीं बल्कि सच्चे इंसान का है, और यदि समय रहते स्वार्थ, भ्रष्टाचार और प्रकृति के विनाश को नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा और पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा.
खंडवा में 14 से 16 जनवरी 2026 तक राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ जी और डॉ. मुनि श्री शांतिप्रिय सागर जी के पावन सान्निध्य में पुरानी अनाज मंडी, रामकृष्ण गंज में तीन दिवसीय विराट सत्संग प्रवचन समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जीने की कला पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन मिलेगा.
शत्रुंजय गिरिराज की दिव्य सात यात्रा पूर्ण, तपस्वी का भावभरा बहुमान सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज महिदपुर रोड।जय आदिनाथ… जय आदिनाथ…भगवान आदिनाथ के मंगलकारी जयकारों से गुरुवार को महिदपुर रोड नगर का कण-कण भक्तिरस में सराबोर हो उठा। अवसर था शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा महातीर्थ की चौविहार छठ सहित अत्यंत दुर्लभ एवं पुण्यप्रद सात यात्रा…
जैसा कि वेद-पुराणों में वर्णित है कि चौरासी लाख योनियों में भटकने के पश्चात् मनुष्य जीवन की प्राप्ति होती है। कहा गया है “जनमत मरत दुःसह दुख होई।”
प्राणी जब एक बार जन्म लेता है और मरता है, तब लाखों बिच्छुओं के डसने जैसी पीड़ा सहनी पड़ती है। बड़े सत्कर्मों के फलस्वरूप विवेकशील प्राणी मानव रूप में इस नश्वर जगत में जन्म लेता है।