पितृपक्ष

पितृपक्ष में पितरों के निमित्त करें श्रद्धा-सामर्थ्य से श्राद्ध,
मनोरथ सभी होते पूरे, सुख-समृद्धि का होता घर में वास।

अश्विन मास सोलह दिवस पितृ-पूर्वजों का श्रद्धा पर्व ख़ास,
पूर्वज होते हैं प्रसन्न, पा तर्पण-पिंडदान देते हमें आशीर्वाद।

जन्म-मृत्यु के गूढ़ रहस्य, वेदों-उपनिषदों-शास्त्रों का आधार,
श्रीमद्भागवत गीता में लिखा, मानव जीवन का समस्त सार।

आत्मा अजर-अमर, जीवन-मृत्यु चक्र प्राकृतिक नियम-विधान,
पितृपक्ष में श्राद्ध से पूर्वजों को मिलता है हमारा पुण्य दान।

पितृपक्ष में श्राद्ध संग कौए व गौ-सेवा का भी रहता विधान,
जीव कर्तव्य-बोध ये, पितृ हमारे प्रसन्न होकर पाते विष्णु-धाम।

उषा शर्मा, प्रसिद्ध लेखिका जामनगर (गुजरात)

One thought on “पितृपक्ष

  1. बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय सर जी… मेरी रचना को अपने पोर्टल पर स्थान देने के लिए 🙏

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