ऐसा होता तो कैसा होता…
कभी-कभी मन सोचता है अगर दुनिया हमारी इच्छाओं के हिसाब से चलती, तो कैसी होती?
शायद इतनी मीठी कि चॉकलेट, आइसक्रीम, बर्गर और पिज़्ज़ा खाकर भी जेब हल्की न होती।
शायद इतना आसान कि इतिहास और भूगोल की जगह कार्टून और गानों के इम्तिहान होते, जहाँ गलत जवाब देने पर भी मुस्कुराहट मिलती।
कल्पना की इस रंगीन दुनिया में हम हमेशा बच्चे रहते न चिंता, न बोझ, न कल की फिक्र।
