gulmohar

तेरी बिंदिया रे…..

जहां शायरों ने, कवियों ने, औरत की सुंदरता के लिए अनेकों उपमानों का प्रयोग किया है, जैसे झील सी गहरी आंखें, हिरण सी सुंदर आंखें, सुराही दार गर्दन, मोरनी सी चाल, वहीं एक प्रेमी, अपनी प्रेमिका की बिंदी पर मर मिटा है,और वह चाहता है कि चाहे वह और कोई श्रृंगार करें या ना करें ,सिर्फ एक छोटी सी बिंदी वह अपने माथे पर लगा ले, और उसे किसी भी उपमान की जरूरत नहीं होगी।

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नव अंकुर की आस

नवपल्लवित पौधा अपनी कोमल जड़ों से धरती का आशीर्वाद लेकर जीवन की नई शुरुआत करता है। वह नव अंबर और नव भोर के साक्षी के रूप में जन्म लेता है, अपने भीतर जीवन की नयी आस संजोए हुए। चारों ओर फैले उपवन की मधुर सुवास उसे उल्लास से भर देती है। वह अभी शिशु है, पर हर दिन वायु और जल का स्पर्श पाकर बढ़ने की आकांक्षा रखता है।

वह जानता है कि एक दिन वह विशाल वृक्ष बनेगा—जिसकी छाया में संसार विश्राम करेगा, जो अनगिनत जीवों को ऑक्सीजन और जीवनदान देगा। उसका अस्तित्व निःस्वार्थ है, उसका हर अंश किसी न किसी के काम आने वाला है

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जीवन चक्र और अंतिम विदाई

50 वर्षों का साथ, सुख-दुख की साझेदारी और परिवार की खुशियाँ — सब एक क्षण में बदल जाती हैं जब जीवन साथी इस संसार से विदा हो जाता है। यह अनुभव अकेलेपन, स्मृतियों और जीवन के चक्र की गहनता को सामने लाता है। इस लेख में हम एक पति के दृष्टिकोण से उस अंतिम विदाई और जीवन के अनुभवों की झलकियाँ साझा कर रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक परिवार और बच्चों के लिए समर्पण किया।

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उससे मिलना

बहुत समय बाद उससे मिलकर मन को एक अजीब सुकून मिला। मैं उसे याद करता था जब वह बहुत छोटी थी — बिल्कुल गुड़िया जैसी। अब वह शादी-शुदा है, पति और बच्चे हैं, और एक खुशहाल जीवन जी रही है। यह देखकर मेरे चेहरे पर स्वाभाविक हँसी खिल उठी।

इतनी सम्पन्नता के बावजूद उसकी फितरत नहीं बदली है। उसकी सम्मोहक और उन्मुक्त हँसी, अविश्वसनीय सरलता और निहायत शालीनता आज भी बरकरार है। मैं सोचता हूँ कि कैसे वह उन मर्यादाविहीन लोगों से निपटती होगी, जो हमारे बीच निशंक घूमते हैं। ऐसे लोग अपने बीच होने पर यह भरोसा दिलाते हैं कि दुनिया आज भी सुन्दर है। उनकी मौजूदगी यह अहसास कराती है कि अच्छाई और बुराई की सतत लड़ाई में अंततः कौन जीतेगा, यह सुनिश्चित है।

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क्या होता है आखिर

जीवन में सब कुछ पाना शायद ही कभी संभव होता है। हर बार कुछ न कुछ बच जाता है — पूरा भर जाने के बाद भी रिक्तता का अनुभव बना रहता है। यह कुछ ऐसा है जैसे काले बादलों की ओंट में बचा थोड़ा सा पानी, या भोर की हल्की रोशनी में मिली रात की सहमी-सी कहानी।

प्रिय से मिलने के बाद उसका इंतजार, कटे हुए दरख़्त में फूटती नई हरित कोपलें, सुनसान जंगल में पंछियों के घोंसले, मंदिर की मूर्ति को बार-बार निहारने की इच्छा — ये सब दर्शाते हैं कि कुछ भी कभी पूरा नहीं होता। हमेशा कुछ-न-कुछ बच जाता है, आस-पास ही, जिसे महसूस करना और जीना ही जीवन का सच है।

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अमन की जोत फिर जलाना है

यह जीवन बस एक बहाना है — सांसों का आना-जाना, रिश्तों का मतलब और फर्ज़ निभाने की रस्में। अमीरों की थालियाँ भरी हैं, मगर गरीब का निवाला उनसे छिन गया है। मुफ़लिसी की बातें अब किससे कही जाएं, जब ज़माना इतना बेरहम हो गया है।

आईने अब चेहरों को नहीं, दिलों को पढ़ने लगे हैं — नया चेहरा, मगर दिल वही पुराना। विज्ञान के इस दौर में इंसान चाँद पर घर बसाने की सोच रहा है, जबकि ज़मीन पर जंगल सूने और परिंदे बेघर हो गए हैं।

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ईश्वर पर विश्वास

संपूर्ण हृदय से प्रभु पर भरोसा रखें और अपनी बुद्धि पर निर्भर न रहें। जीवन में चाहे सुख हो या दुख, भय और चिंता को त्यागकर ईश्वर की इच्छा में चलना ही सच्चा विश्वास है। प्रार्थना और समर्पण के माध्यम से हम आंतरिक शांति, स्थिरता और संतोष प्राप्त कर सकते हैं। ईश्वर पर भरोसा केवल आध्यात्मिक अनुभव नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक शक्ति भी देता है। जब हम अपनी चिंताओं को प्रार्थना में छोड़ देते हैं, तब हमारा बोझ हल्का होता है और हम जानते हैं कि हम अकेले नहीं हैं।

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मंजिल मिल ही जायेगी

मंजिल पाने के लिए निरंतर प्रयास और पूरे विश्वास के साथ कदम बढ़ाते रहना ही सबसे महत्वपूर्ण है। चाहे रास्ते में कितनी भी कठिनाइयाँ क्यों न आएँ, या कश्तियों में छेद हों, लेकिन हौसला और रवानगी कभी कम नहीं होती। अंधकार में बिखरे जाल और पाश हमारी कोशिशों को रोकने की कोशिश करेंगे, पर जज्बे की शमा जलाकर हम उनसे मुक्त हो सकते हैं।

हर तिनका, हर छोटा प्रयास मिलकर एक मजबूत घोंसला बनाता है, और आंधियों में भी यह हौंसला कायम रहता है। मुश्किलें देखने के बाद भी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि मेहनत, अभ्यास और लगन से हर समस्या का हल निकलता है।

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मन का डेमेंशिया

सोचो, हम क्या दे सकते हैं किसीको, बिना सोचे समझे। जीवन अस्थाई है, फिर भी हम उम्मीदों से जुड़े रहते हैं। स्वप्न, हादसे, बीमारियाँ, खुशी, दुख — सब चला जाता है, बस स्मृतियाँ रह जाती हैं। ये स्मृतियाँ अक्सर दूसरों के लिए शेष रहती हैं, हमारे लिए नहीं। डेमेंशिया जैसी बीमारी याददाश्त और भावनाओं को बदल देती है, हमें नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ती है और प्रेम की ऊर्जा को कमजोर कर देती है। इसलिए बेहतर है कि हम दूसरों को उनके जैसे ही छोड़ दें, स्वयं के विचारों को बदलें और अपना बेस्ट दें ताकि हमारी स्मृतियाँ दूसरों के लिए यादगार बनें।

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जीवन एक संघर्ष है…

जीवन एक संघर्ष है” में जीवन की कठिनाइयों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच संघर्ष की अनिवार्यता को व्यक्त किया गया है। लेखक बताते हैं कि केवल साँस लेना जीवन नहीं है; जीवन का सार संघर्ष, जिजीविषा और प्रकृति के साथ सामंजस्य में है। प्रेम, सौंदर्य, आनंद, विरह और मिलन—सबका संतुलन संघर्ष के माध्यम से ही मिलता है। यह कविता यह संदेश देती है कि अतीत, वर्तमान और भविष्य—सभी में संघर्ष ही जीवन की असली कहानी है। जीत और हार से परे, संघर्ष ही हमें सशक्त बनाता है और जीवन को सार्थक बनाता है।

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