
सुमन दीक्षित, प्रसिद्ध लेखिका, कोलकाता
अभिव्यक्ति किसी भी जीव की,
ख़ासकर मानवीय संवेदनाओं का,
सशक्त माध्यम परिलक्षित होती है—
वह हो चाहे किसी भी रूप में…!
अगर भाषा की बात आती,
तो सम्मान हर भाषा का है;
पर हिन्दी तो मेरे लिए जैसे
ईश्वर का एक वरदान है…!
हिन्दी से है पहचान, क्षमता,
गौरव भरा होता सदा सृजन।
हिन्दी से जुड़ी है आत्मा मेरी,
अहसास और दिल की धड़कन!
अद्भुत माधुर्यता और वृहत्तर
साहित्य से युक्त है यह भाषा।
अभिरुचि, अभिव्यक्ति, स्पंदन,
आस-संग है मेरा संवेदन…!!

रचना को प्रकाशित करने के लिए बहुत आभार आपका 🙏