रिज़ोर की अंतिम रानी

रिज़ोर की अंतिम रानी श्रीमती शशि सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि रिज़ोर की अंतिम रानी शशि सिंह

रिज़ोर की अंतिम रानी स्मृतियों में आज भी जीवित श्रीमती शशि सिंह

दिव्या सिंह, प्रसिद्ध लेखिका

उत्तर प्रदेश के जिला एटा से लगभग बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित रिज़ोर गांव कभी एक समृद्ध और प्रतिष्ठित रियासत हुआ करता था. आज भले ही समय की धूल ने उस वैभव को ढक दिया हो, लेकिन शान-ओ-शौकत के अनेक निशान आज भी इतिहास की गवाही देते हैं. इसी रियासत की अंतिम रानी थीं श्रीमती शशि सिंह, जिनका व्यक्तित्व, कार्य और स्मृतियाँ आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं.

श्रीमती शशि सिंह अपने समय की एक विदुषी, सशक्त और दूरदर्शी महिला थीं. उन्होंने समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्षा के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए और सामाजिक सरोकारों को सदैव प्राथमिकता दी. एक उदार हृदय, संवेदनशील सोच और कुशल राजनीतिक समझ उनके व्यक्तित्व की पहचान थी. जनसेवा उनके जीवन का मूल मंत्र रही.

उनका विवाह मात्र 14 वर्ष की आयु में रिज़ोर राज्य के राजा श्री लाल हुकुम तेज प्रताप सिंह से हुआ. अल्पायु में ही उन्होंने रानी के दायित्वों को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उन्हें गरिमा और समर्पण के साथ निभाया. रानी होते हुए भी उनका व्यवहार सरल, स्नेहिल और जनसाधारण के अत्यंत निकट रहा.

10 फरवरी 2010 को श्रीमती शशि सिंह इस संसार से विदा हो गईं. भौतिक रूप से वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके संस्कार, विचार और प्रेम आज भी परिवार, गांव और क्षेत्र की स्मृतियों में जीवित हैं. उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि सच्ची विरासत महलों या संपत्ति से नहीं, बल्कि संस्कारों और मूल्यों से बनती है.

उनकी सोलहवीं पुण्यतिथि पर परिवार और लाइव वायर न्यूज़ की ओर से यह रचना उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है. यह लेख परिवार में दादी के महत्व, बुजुर्गों के अनुभव और उनके द्वारा दिए गए संस्कारों की अमूल्य भूमिका को रेखांकित करता है.हमारी पूरी टीम ईश्वर से प्रार्थना करती है कि श्रीमती शशि सिंह का स्नेह, आशीर्वाद और प्रेरणा सदैव परिवार और समाज के साथ बनी रहे. (रिज़ोर रियासत से संबंधित विस्तृत ऐतिहासिक जानकारी विकिपीडिया पर उपलब्ध है.)

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