राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने के कारण चुनाव निर्विरोध
पुणे
भाजपा की मंजुषा नागपुरे का पुणे के महापौर पद पर तथा भाजपा–रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) के परशुराम वाडेकर का उपमहापौर पद पर सोमवार को निर्विरोध चयन हुआ. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा महापौर और उपमहापौर पद के चुनाव से नामांकन वापस लेने के बाद नागपुरे के महापौर पद और वाडेकर के उपमहापौर पद का मार्ग प्रशस्त हो गया. महानगरपालिका में सोमवार सुबह सवा ग्यारह बजे महापौर और उपमहापौर पद की चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई. पीठासीन अधिकारी जितेंद्र डूडी ने चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत की. इससे पूर्व भाजपा के गुटनेता गणेश बिडकर ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. बाबा आढाव, कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी और पूर्व महापौर शांतिलाल सुरतवाला के निधन के कारण महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव निर्विरोध कराने का अनुरोध कांग्रेस के गुटनेता चंदुशेठ कदम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गुटनेता नीलेश निकम से किया.

इस दौरान प्रारंभ में महापौर पद के लिए कांग्रेस की अश्विनी लांडगे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की शीतल सावंत और भाजपा की मंजुषा नागपुरे के नामांकन वैध घोषित किए गए. इसके बाद पीठासीन अधिकारी डूडी ने नामांकन वापस लेने के लिए 15 मिनट का समय दिया. इस अवधि में भाजपा नेताओं ने एक बार फिर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेताओं से चर्चा की. पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की शीतल सावंत ने और उसके बाद कांग्रेस की अश्विनी लांडगे ने चुनाव से नामांकन वापस लिया. इसके पश्चात डूडी ने मंजुषा नागपुरे के महापौर पद पर निर्विरोध चयन की घोषणा की.

इसके बाद नागपुरे का महापौर के रूप में चयन किया गया. इस बीच साढ़े ग्यारह बजे के आसपास उपमहापौर पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई. कांग्रेस की ओर से साहिल केदारी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से दत्ता बहिरट और भाजपा की ओर से परशुराम वाडेकर के नामांकन वैध घोषित किए गए.
इसके बाद बहिरट और केदारी ने उपमहापौर पद के चुनाव से नामांकन वापस ले लिया. परिणामस्वरूप भाजपा–रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) के परशुराम वाडेकर के उपमहापौर पद पर निर्विरोध चयन की घोषणा पीठासीन अधिकारी डूडी ने की. इसके बाद वाडेकर का उपमहापौर के रूप में चयन किया गया. तत्पश्चात डूडी ने चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने की घोषणा की. केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोळ ने सभागृह में उपस्थित रहकर नागपुरे और वाडेकर को बधाई दी.
