gulmohar
जीवनधारा कहानी में समाजसेविका युवती और उससे भावनात्मक रूप से जुड़ी महिला

जीवनधारा: बदनाम गली में इंसानियत की तलाश

क्या किसी महिला का अतीत उसके वर्तमान और उसके मानवीय कार्यों को तय करता है? ‘जीवनधारा’ एक ऐसी युवती की मार्मिक कहानी है, जो खुद शोषण की शिकार होने के बाद समाज की ठुकराई महिलाओं को सम्मान और नई जिंदगी दिलाने के लिए संघर्ष करती है। यह कहानी समाज के दोहरे चरित्र, महिला अस्मिता और मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल उठाती है।

Read More
प्रीति गुप्ता महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा के कार्यों के दौरान

प्रीति गुप्ता: सेवा को बनाया संकल्प, बेटियों को दी उड़ान

प्रीति गुप्ता ने पिछले 15 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया है. 11 हजार से अधिक बालिकाओं को सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण और जरूरतमंद बेटियों के सामूहिक विवाह जैसे प्रयास उनकी सेवा यात्रा की पहचान हैं.

Read More
रिज़ोर की अंतिम रानी श्रीमती शशि सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि

रिज़ोर की अंतिम रानी

उत्तर प्रदेश के एटा जिले की ऐतिहासिक रिज़ोर रियासत की अंतिम रानी श्रीमती शशि सिंह अपने विद्वत्ता, समाजसेवा और उदार व्यक्तित्व के लिए जानी जाती थीं. सोलहवीं पुण्यतिथि पर उन्हें परिवार और लाइव वायर न्यूज़ की ओर से यह भावभीनी श्रद्धांजलि समर्पित है, जो बुजुर्गों के संस्कार, दादी के महत्व और विरासत में मिले मूल्यों को याद करती है.

Read More
देवरी स्थित धुकेश्वरी मंदिर सभागृह में आयोजित राज्यस्तरीय सम्मान समारोह में कवयित्री मेघा मनोज अग्रवाल को नारी रत्न सम्मान प्रदान करते संस्था के संस्थापक डॉ. घनश्याम निखाड़े, साथ में मंचासीन अतिथि और उपस्थित गणमान्यजन।

मेघा अग्रवाल का नाम राज्य में रोशन

नागपुर की प्रतिष्ठित कवयित्री मेघा मनोज अग्रवाल को समाजसेवा, हिंदी लेखन और उनकी बहुमुखी प्रतिभा के लिए राज्यस्तरीय नारी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान श्याम बहुउद्देशीय विकास संस्था की ओर से देवरी में आयोजित भव्य समारोह में संस्था के संस्थापक डॉ. घनश्याम निखाड़े द्वारा प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से नागपुर का नाम गौरवान्वित हुआ है।

Read More

नेत्रदान और देहदान कर अमर हो गईं सुशीला दिवेकर

धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के बचाय अपने चिकित्सकीय प्रोफेशन को सर्वोपरि मानते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि दिवेकर ने अपनी माता सुशीला दिवेकर की पार्थिव देह दान कर दी। इससे पहले 77 वर्षीय दिवेकर के नेत्रदान भी कराए गए। प्रशासन और पुलिस ने ऐसी देहदानी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। शासकीय मेडिकल कॉलेज की डीन और वरिष्ठ चिकित्सकों ने इसे अनुकरणीय इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली घटना बताया।

Read More

बिहार में 100 विश्वविद्यालय खोलने की पहल

बिहार में शिक्षा की दिशा और दशा सुधारने के लिए शिक्षाविद्? और साहित्यकार ई. अंशु सिंह ने एक अनूठी पहल की है. शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने बिहार में 100 विश्वविद्यालय खोलने के लक्ष्य के साथ राज्यव्यापी भिक्षाटन अभियान की शुरुआत की. इस अभियान का उद्देश्य उच्च शिक्षा के विकल्प बढ़ाना और युवाओं को बिहार से बाहर पढ़ने की विवशता से मुक्त करना है. अभियान की शुरुआत भागलपुर में हुई, जहाँ बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, प्राध्यापक और समाजसेवी उपस्थित रहे. इस अवसर पर ई. अंशु सिंह ने कहा कि यह केवल विश्वविद्यालय (university) खोलने की पहल नहीं है, बल्कि शिक्षा के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत है.

Read More

विरासत में मिली करुणा, कर्म में उतरी सेवा

“सेवा का भाव मेरे लिए कोई काम नहीं, जीवन का उद्देश्य है।”ये शब्द उस संवेदनशील समाजसेवी के हैं जिन्होंने कोरोना काल से लेकर आज तक मूक पशुओं, पक्षियों, जरूरतमंदों और असहायों के लिए अथक सेवा की है। चाहे पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था हो, गौशाला में चारे की सेवा या फिर बेड रिडन मरीजों के लिए निःशुल्क उपकरण हर कार्य में करुणा, प्रतिबद्धता और पारिवारिक संस्कारों की झलक मिलती है।

Read More