डॉ. राधा मंगेशकर ने पुणे फेस्टिवल में साझा किए अनमोल अनुभव
पुणे-पुणे में आयोजित तीन दिवसीय छठे पुणे पर्यटन महोत्सव ने न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा दिया बल्कि यात्रा के माध्यम से आत्मविश्वास और मानसिक सहनशीलता के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया. महोत्सव का उद्घाटन प्रसिद्ध गायिका और सोलो ट्रैवलर डॉ. राधा मंगेशकर ने किया, जिन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अकेले यात्रा करने से व्यक्ति की निर्णय क्षमता, जिज्ञासा और आत्मनिर्भरता बढ़ती है.
महोत्सव का आयोजन भारतीय पर्यटन विकास सहकारी संस्था की ओर से ‘गेट सेट गो हॉलिडेज’ और सचिन इंटरनेशनल के सहयोग से हुआ. शिवाजीनगर स्थित होटल सेंट्रल पार्क में आयोजित उद्घाटन समारोह में गायिका मनीषा निश्चल, संस्था के अध्यक्ष प्रवीण घोरपड़े, सचिव प्रथमेश कुलकर्णी, चंदन पठारे, अमित कुलकर्णी, निरंजन कुलकर्णी, हेमंत जानी, सजेश पिल्ले, सतपाल सिंग, सुयोग सकपाळ, शेखर ढमाले, अमोद ब्रह्मे, आशिष हिंगमिरे, संतोष माने और हर्षद खोंडे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
डॉ. राधा मंगेशकर ने कहा, “हमारे पास प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का अद्वितीय संग्रह है. इन स्थलों की यात्रा कर अनुभव प्राप्त करना युवाओं के लिए आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति को बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है. विशेषकर सोलो ट्रैवलर के लिए यह अनुभव न सिर्फ साहसिक होता है, बल्कि व्यक्तिगत निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत करता है.”
उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा केवल स्थलों को देखने तक सीमित नहीं होनी चाहिए. “अधिकांश लोग पारंपरिक स्थलों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन ऑफबीट पर्यटन स्थलों और स्थानीय इतिहास को जानने का अनुभव यात्रा को और अधिक रोचक और शिक्षाप्रद बनाता है. जब आप अकेले यात्रा करते हैं, तो आपकी जिज्ञासा और सीखने की इच्छा स्वतः सक्रिय होती है. यह अनुभव आपके मानसिक दृष्टिकोण को भी व्यापक बनाता है.”

महोत्सव में महाराष्ट्र और भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों की झलक देखने को मिली. लगभग 70 टूरिस्ट कंपनियों ने स्टॉल लगाए, जिसमें देशांतरिक और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विकल्प प्रस्तुत किए गए. शनिवारी कैलास मानसरोवर यात्रा जानकारी सत्र और जंगल पर्यटन मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे, जबकि रविवार को ‘कॉर्पोरेट ट्रैवल का नया रूप: 2026 में पर्सनलाइजेशन, टेक्नॉलॉजी और कर्मचारी संतुष्टि’ विषयक मार्गदर्शन सत्र होगा.
प्रवीण घोरपड़े ने बताया कि महोत्सव का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि युवाओं और परिवारों को यात्रा के माध्यम से व्यक्तिगत विकास और अनुभव प्राप्ति के अवसर देना भी है. उन्होंने कहा कि यह महोत्सव पुणेकरों के लिए निशुल्क खुला रहेगा और हर आयु वर्ग के लोग इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं.
डॉ. राधा मंगेशकर के अनुभव और सलाह ने इसे अन्य पर्यटन महोत्सवों से अलग और अनोखा बना दिया. उन्होंने कहा, “जब आप एक नए स्थल की यात्रा अकेले करते हैं, तो आपके अंदर भय कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है, और आप अपने विचारों के प्रति अधिक ईमानदार बनते हैं. यह सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि आत्म-साक्षात्कार की यात्रा है.”
इस महोत्सव ने स्पष्ट कर दिया कि यात्रा केवल स्थलों की खोज नहीं, बल्कि व्यक्ति के मानसिक और भावनात्मक विकास का भी माध्यम बन सकती है.
