सावन की चूड़ियां: नवविधवा बहू और बड़की काकी

बहती संवेदना

सावन की फुहारों और रंग-बिरंगी चूड़ियों के बीच बुनी यह कहानी एक नवविधवा बहू के मन के सूनेपन और फिर से जागती उम्मीद की मार्मिक झलक दिखाती है, जहाँ जीवन अपने दर्द के साथ भी आगे बढ़ना सीखता है।

Read More

न किसान, न मजदूर, न व्यापार : ट्रम्प सेंटर्ड होगा बजट

आम बजट 2026 ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि इस बार किसान, मजदूर या व्यापारी नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ नीति बजट की दिशा तय करेगी। ट्रम्प के रेसिप्रोकल टैरिफ ने भारत की अर्थव्यवस्था, निर्यात और एमएसएमई सेक्टर को गहरे संकट में डाल दिया है।

Read More

20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

वीर बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के 18 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार वीरता, खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला-संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।

Read More
चाँदनी रात में प्रेमी की यादों में खोया एक शायर, इश्क़ और मोहब्बत की भावनाओं से सराबोर दृश्य

इश्क़ का सुरूर

इश्क़ के सुरूर, यादों की शमा और मिलन की मधुर प्रतीक्षा को शब्दों में पिरोती यह ग़ज़ल प्रेम की गहराइयों को बेहद खूबसूरती से अभिव्यक्त करती है। हर शेर दिल की धड़कनों, निगाहों की भाषा और मोहब्बत की अनकही दास्तान कहता है।

Read More

जहाँ शब्द नहीं थे, वहाँ माही थी…

माही कोई साधारण लड़की नहीं थी।वह शब्दों से पहले सिसकियाँ समझती थी।घायल पशु हों या खामोश इंसान उसका मन हर पीड़ा पर ठहर जाता।
संवेदनाएँ उसकी कमजोरी नहीं, उसकी सबसे बड़ी ताकत थीं।

Read More

रंगों से सजा जीवन

लाल बिंदी की ममता हो या आसमां का नीला सुकून — हर रंग जीवन को एक नई दिशा देता है। हर रंग अपनी कहानी कहता है, और इन्हीं रंगों से जीवन सच में पूर्ण बनता है।”

Read More

सूरज देखे हैं

हर नए सूरज की किरणें उम्मीद और नई उमंगों का संदेश देती हैं। ओस की बूँदों, उड़ते पक्षियों और शांति भरे क्षितिज के बीच यह दृश्य जीवन के हर अंत में नए आरंभ की प्रेरणा देता है।

Read More
पुरानी डायरी पर लिखती एक संघर्षशील कामकाजी महिला की प्रेरक कहानी

पुरानी डायरी

ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दबी अनामिका की पुरानी डायरी उसके अधूरे सपनों और दबे संघर्षों की गवाह है। जब वह फिर से लिखना शुरू करती है, तो उसका संघर्ष उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी रचनात्मक शक्ति बन जाता है। यह कहानी हर उस स्त्री की आवाज़ है, जो चुपचाप सृजन करती है।

Read More

हिन्दी दिवस बीत जाए

हिंदी स्वयं को एक दिन की रानी और भाषाओं की नानी कहती है। उसकी बहन उर्दू है, जिसके साथ उसे सदा बने रहना है। हिंदी चाहती है कि वह फूले-फले और खूब आगे बढ़े। वह आग्रह करती है कि लोग उसे सिर्फ उसके दिवस पर ही नहीं, बल्कि हर दिन याद करें, पढ़ें और लिखें।

Read More

वो कुछ लोग…

ज़िंदगी भी एक ट्रेन की तरह है — जो धीरे-धीरे रफ़्तार पकड़ते हुए हमें आगे ले जाती है। हर पड़ाव पर कुछ न कुछ पीछे छूट जाता है — कोई शहर, कोई गलियां, कुछ अपने लोग। लेकिन जो सच में हमारे जीवन का हिस्सा बन चुके होते हैं, वे कभी पूरी तरह नहीं छूटते। वे ठहरे रहते हैं — हमारी यादों में, हमारी भावनाओं में, और उस अगली मुलाक़ात की उम्मीद में, जैसे स्टेशन पर खड़े वे लोग जो ट्रेन गुज़र जाने के बाद भी कुछ देर तक हाथ हिलाते रहते हैं… यादें, उदासी और इंतज़ार लिए।

Read More