मुंबई में साहित्य की स्मृति का उत्सव
मुंबई की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था ‘गुलदान’ द्वारा आयोजित हस्तीमल ‘हस्ती’ स्मृति सम्मान समारोह में हिंदी–उर्दू साहित्य, संगीत और नृत्य का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में देशभर के कवि–शायरों की उपस्थिति रही, वहीं वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन साहित्यिक स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त प्रयास बना।
पद्म पुरस्कारों के पीछे की अनसुनी कहानी
हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित होने वाले पद्म पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा का प्रतिबिंब होते हैं। Padma Awards 2026 के साथ जानिए ये प्रतिष्ठित पदक कहां बनते हैं, किस धातु से तैयार होते हैं और क्यों इनके साथ कोई नकद इनाम नहीं दिया जाता।
बर्फ में फेरे, अग्नि में संकल्प
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित त्रियुगी नारायण मंदिर में मेरठ के एक दंपति ने बसंत पंचमी के अवसर पर भारी बर्फबारी के बीच विवाह कर एक अनोखी मिसाल पेश की. शिव और पार्वती के विवाह स्थल माने जाने वाले इस पवित्र मंदिर में हुआ यह विवाह अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
पद्म विभूषण से सम्मानित हुए धर्मेंद्र
इस साल के पद्म पुरस्कारों की घोषणा ने बॉलीवुड और सिनेमा जगत में हलचल मचा दी है, लेकिन इस बार की खबर सिर्फ नामों तक सीमित नहीं है। पद्म विभूषण से सम्मानित धर्मेंद्र के सम्मान के पीछे एक भावनात्मक और प्रेरक कहानी छुपी है। धर्मेंद्र, जिन्हें ‘बॉलीवुड का ही-मैं’ कहा जाता है, का निधन नवंबर 2025 में हुआ था, और उनके इस पोस्टह्यूमस सम्मान ने उनके परिवार, खासकर उनके बेटों सनी और बॉबी को गर्व और प्रेरणा दी है
बेंगलुरु की सड़कों पर “हैप्पी एयर परेड”
बेंगलुरु। 25 जनवरी को बेंगलुरु की सड़कों पर एक अनोखा और दिल को छू लेने वाला दृश्य देखने को मिलेगा। हैप्पी एयर (Happpy AiR) और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से पूरे शहर में “हैप्पी एयर परेड” निकाली जा रही है। यह परेड किसी एक रूट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के व्यस्ततम सार्वजनिक…
वसंत का संगीत
यह कविता बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती माता के आशीर्वाद, प्रकृति के बदलते रंग और ऋतुओं के मिलन को उजागर करती है। वसंत के आगमन से जीवन में उमंग और विद्या की महत्ता का सुंदर चित्रण।
वसंत नहीं लौटता
यह कविता बसंता और वसंत के प्रतीक के माध्यम से श्रम, विस्थापन और जीवन के असंतुलन को दर्शाती है। सौंदर्य, पर्यटन और संघर्ष के बीच का कटु यथार्थ इसमें मुखर है।
मानस का परिमल
यह कविता विकसित मानस, सद्भाव, मानवता और वैचारिक चेतना की सुगंध को रेखांकित करती है। संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर सत्य और परहित के मार्ग पर चलने का संदेश देती सशक्त रचना।
