डाकिया डाक लाया
जब मोबाइल और ई-मेल नहीं थे, तब खत ही रिश्तों की धड़कन हुआ करते थे। पोस्टकार्ड से लेकर लिफाफे तक, हर पत्र में सिर्फ़ खबर नहीं, पूरा जीवन लिखा होता था। यह कहानी उसी इंतज़ार, उस स्याही और उन भावनाओं की है, जो आज भी दिल को भिगो देती हैं।

जब मोबाइल और ई-मेल नहीं थे, तब खत ही रिश्तों की धड़कन हुआ करते थे। पोस्टकार्ड से लेकर लिफाफे तक, हर पत्र में सिर्फ़ खबर नहीं, पूरा जीवन लिखा होता था। यह कहानी उसी इंतज़ार, उस स्याही और उन भावनाओं की है, जो आज भी दिल को भिगो देती हैं।
सिद्धार्थ पारधे का जीवन हमें सिखाता है कि अगर इरादे मजबूत हों और सही मार्गदर्शन मिले, तो इंसान फुटपाथ से उठकर महलों तक का सफर तय कर सकता है। उनकी विनम्रता, और जमीन से जुड़े रहने की भावना उन्हें बाकी सफल व्यक्तियों से अलग बनाती हैं। उनकी कहानी कंक्रीट के जंगल में संवेदनाओं की जीत की कहानी है।
दिल्ली से पटना की बारह घंटे की रेल यात्रा में पनपा किशोर प्रेम समाज और संस्कारों की दीवार से टकराकर दबा दिया जाता है, पर उसका मीठा दर्द शेफाली के जीवन भर उसके साथ रहता है।
इंदौर रेलवे के पीआरओ खेमराज मीना का अहमदाबाद तबादला हो गया है, जबकि रतलाम से पदोन्नत होकर मुकेश कुमार ने इंदौर में जनसंपर्क की कमान संभाली। विदाई समारोह में मीडिया–प्रशासन के सौहार्दपूर्ण संबंधों पर जोर दिया गया।
शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उज्जैन एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, महिला कार्य, उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में महिला विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “महिला स्वास्थ्य: सर्वोच्च प्राथमिकता” रहा।
यह लेख आत्मा की अमरता, उसके निराकार स्वरूप और परमपिता परमेश्वर से उसके संबंध पर विचार करता है, यह बताते हुए कि शरीर नश्वर है पर आत्मा अजर-अमर है और वही हमारे कर्मों का साक्ष्य रखती है।
सब्ज़ियों की मंडी से शुरू हुई यह स्मृतियों की यात्रा रिश्तों तक पहुँचती है, जहाँ लेखक अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए बताता है कि जैसे सब्ज़ियाँ बासी होकर फेंक दी जाती हैं, वैसे ही आज रिश्ते भी संवेदना के अभाव में डस्टबिन तक पहुँच जाते हैं।
पश्चिम रेलवे ने सुरक्षित रेल परिचालन में सतर्कता और समर्पण का परिचय देने वाले 11 कर्मचारियों को महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया, जिनकी सजगता से संभावित दुर्घटनाएं टल सकीं.
मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री विवेक कुमार गुप्ता ने सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को मध्य रेल वॉल कैलेंडर 2026 का विमोचन किया. इस वर्ष वॉल कैलेंडर की थीम वंदे मातरम के 150 ऐतिहासिक वर्ष रखी गई है, जिसका शीर्षक गीत से आत्मा तक, राष्ट्र को एकजुट करना है