Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

सहनशीलता का अभाव और टूटते रिश्ते

हर इंसान अलग है सोच में, सहने की क्षमता में और जीने के तरीके में। लेकिन जब हम इस भिन्नता को स्वीकार करने के बजाय एक-दूसरे की खामियाँ गिनने लगते हैं, तभी रिश्तों में दूरी बढ़ने लगती है। सहनशीलता और संवाद के बिना परिवार साथ रहते हुए भी बिखरने लगते हैं।

Read More
खिड़की के पास बैठा एक व्यक्ति गहरे विचारों में, आत्मचिंतन का प्रतीक

हृदय की संवेदना से…

“हृदय की संवेदना से…” एक प्रेरणादायक हिंदी कविता है, जो आत्मचिंतन, आत्मविश्वास और जीवन की जटिलताओं को सुलझाने के लिए भीतर झाँकने की आवश्यकता पर बल देती है। यह कविता हमें सिखाती है कि जीवन में आने वाली चुनौतियों और उलझनों का समाधान बाहर नहीं, बल्कि हमारे अपने मन और विचारों में छिपा होता है।

Read More
सीधा सा गणित: बहू और ससुर के रिश्ते की भावुक हिंदी कहानी

सीधा सा गणित

‘सीधा सा गणित’ एक मार्मिक पारिवारिक कहानी है, जिसमें बहू के परिश्रम को अनदेखा कर दिया जाता है, लेकिन ससुर के स्नेहपूर्ण व्यवहार से रिश्तों की असली गरिमा सामने आती है। यह कहानी परिवार, सम्मान और प्रेम का सुंदर संदेश देती है।

Read More
स्त्री का संवेदनशील चित्रणजो हर मौसम में दूसरों के लिए बदलती है

एक औरत

“एक औरत मुस्कुराते हुए ढाल लेती है खुद को
तुम्हारी ज़रूरत के हर मौसम में… पर क्या तुम ढाल सकते हो खुद को उसकी मुस्कुराहट के लिए?”
एक छोटा सा सवाल, जो रिश्तों की पूरी सच्चाई खोल देता है।

Read More

फ़र्क

एक पल में तान्या का भरोसा टूट गया और माँ दुर्गा जाग उठीं। जिस चेहरे को उसने पिता का रूप मान लिया था, वही चेहरा बच्चों की सुरक्षा पर सवाल बन गया। उस दिन उसे समझ आया—रिश्ता होना और रिश्ता दिखना, दोनों में ज़मीन-आसमान का फ़र्क होता है।

Read More

जो खुद को नहीं जाना, उसने कुछ नहीं जाना!

विद्या का वास्तविक अर्थ केवल तकनीकी ज्ञान या भौतिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। यह सबसे पहले स्वयं को जानने, समझने और जीवन के गहरे आध्यात्मिक अर्थ को खोजने की प्रक्रिया है। यदि हम स्वयं को और समस्त प्राणी जगत को एक ईश्वर की रचना मानकर देखें तो जीवन की अधिकांश उलझनें स्वतः समाप्त हो जाती हैं। विद्या वही है जो हमें भीतर से शुद्ध बनाए, आत्मा को जानने का अवसर दे और बाहरी दिखावे के मोह से दूर रखे।

Read More
हो जाओगे लापता : रूहानी प्रेम और भावनाओं पर हिंदी कविता

हो जाओगे लापता

यह कविता प्रेम की पवित्रता, आत्मिक जुड़ाव और भावनाओं की गहराई को खूबसूरती से व्यक्त करती है। इसमें मुहब्बत को वासना से अलग एक रूहानी एहसास के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

Read More
वो भी इंसान है… बस कह नहीं पाता।

वो पुरुष

“वो पुरुष” एक गहरी और संवेदनशील कविता है, जो पुरुष के जीवन में छिपे संघर्ष, जिम्मेदारियों और अनकही भावनाओं को उजागर करती है। यह कविता बताती है कि मजबूती के पीछे भी एक थका हुआ और संवेदनशील दिल होता है।

Read More

जमीन

दीनानाथ त्रिपाठी ने अपने भतीजे राजू को समझाया कि माता समान इस जमीन को बेचने का विचार गलत है। परिवार की परंपरा, मेहनत और भविष्य की सुरक्षा के लिए जमीन अनिवार्य है, जबकि राजू शहर और विदेश के खर्चों के कारण जल्दबाजी में निर्णय लेना चाहता था।

Read More
सांझ के धुंधले आकाश के नीचे एक सूखे पेड़ के पास बैठा अकेला व्यक्ति और उसकी शाखाओं पर बैठे खामोश परिंदे, जो खोए हुए सपनों और भीतर की पीड़ा का प्रतीक हैं।

‘असली और आख़िरी सज़ा’

कभी हमारे भीतर भी परिंदे बसते हैं—सपनों, इच्छाओं और उड़ानों के रूप में। लेकिन जब हम समझौतों के कारण उन्हें कैद कर देते हैं, तब उनकी खामोशी ही हमारी सबसे बड़ी और आख़िरी सज़ा बन जाती है।

Read More