जयपुर से चेन्नई जाने वाली इंडिगो फ्लाइट रद्द

जयपुर एयरपोर्ट से चेन्नई जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट के अचानक रद्द होने से बुधवार को यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-5362 को ऑपरेशनल कारणों का हवाला देते हुए अंतिम समय पर कैंसिल कर दिया गया. यह फ्लाइट सुबह 9.55 बजे जयपुर से रवाना होकर दोपहर 12.35 बजे चेन्नई पहुंचने वाली थी.

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मोहे अपने ही रंग में रंग लो गिरधारी

अपने ही रंग में रंग लो…

“मोहे अपने ही रंग में रंग लो गिरधारी” फागुन और होली के उल्लास में डूबी एक गहन आध्यात्मिक रचना है। यह कविता बाहरी रंगों की चंचलता से आगे बढ़कर उस दिव्य प्रेम की तलाश करती है, जो आत्मा को भीतर तक भिगो दे। ब्रज की होली, उड़ते गुलाल, ढोल-मंजीरे की थाप और सखियों की हंसी के बीच कवयित्री का मन केवल एक ही रंग चाहता है

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IPS मल्लिका बनर्जी का अंडरकवर ऑपरेशन, भारत में बाल तस्करी के खिलाफ कार्रवाई

रियल लाइफ मर्दानी : मल्लिका बनर्जी

जब नौकरी के नाम पर बच्चे बेचे जा रहे थे और सिस्टम खामोश था, तब IPS मल्लिका बनर्जी ने वर्दी उतारकर अंडरकवर जंग लड़ी. यह कहानी सिर्फ़ बहादुरी की नहीं, भारत में फैली बाल तस्करी की कड़वी सच्चाई की है.

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स्त्री शक्ति संगठन की गोष्ठी में महिला स्वास्थ्य पर चर्चा करती महिलाएं

स्त्री शक्ति संगठन की विचार गोष्ठी

स्त्री शक्ति संगठन द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में ‘गुप्त रोग एवं महिलाएं’ विषय पर गंभीर चर्चा की गई। कार्यक्रम में महिलाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर खुलकर संवाद करने का संदेश दिया गया।

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परीक्षा हॉल में चिंतित छात्र, NEET पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता दृश्य।

नीट पेपर लीक : जिम्मेदार कौन?

NEET पेपर लीक केवल एक परीक्षा की विफलता नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के सपनों और विश्वास पर गहरा आघात है। वर्षों की मेहनत, परिवारों के त्याग और युवाओं के संघर्ष के बाद जब प्रश्नपत्र लीक होते हैं, तो केवल परीक्षा नहीं टूटती, बल्कि पूरा भरोसा बिखर जाता है। अब समय आ गया है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय हो, दोषियों को कठोर सजा मिले और ऐसी पारदर्शी प्रणाली बनाई जाए जहाँ मेहनत का मूल्य पैसों और पहुंच से अधिक हो।

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प्रेम शाप है….

यहाँ प्रेम को शाप के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो नाश और विरक्ति के साथ-साथ एक अमरता का भाव भी लिए है। शहरों का विकास प्रकृति को निगल गया, परंतु शापित खंडहर अब भी अछूते हैं—मानो प्रेम भी उसी तरह समय और विनाश से परे जीवित रहता है। सूखी नदियाँ, वीरान इमारतें और तप्त अधर—ये सभी स्मृतियों और अधूरेपन के प्रतीक हैं। वक्ता मानो किसी पूर्वजन्म की स्मृति से बंधा हुआ है, और प्रेम को “सांकेतिक मरीचिका” कहकर उसकी अस्थिरता और मृगतृष्णा-सी प्रकृति को सामने लाता है।

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रोटी की दास्तान

एक पिता जिसने बच्चों के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, वही बुढ़ापे में भावनात्मक उपेक्षा का शिकार हो जाता है। “रोटी की दास्तान” रिश्तों की सच्चाई को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।

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औषध या टोना

“ज्ञान जब अज्ञान में डूब जाए तो टोना कहलाता है…
पर समझो तो वही औषध है, वही विद्या।” गाँव के लोग जिन शब्दों को मंत्र समझते थे, वे दरअसल उपचार थे और जिस औरत को ‘डायन’ कहा गया, वही जीवन लौटाने वाली वैद्य निकली। विश्वास और अंधविश्वास की पतली सरहद उस रात फिर धुंधली हो गई।

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हां! मैं मधुशाला जाता हूं…

हाँ, मैं मधुशाला जाता हूँ। अपनी सुध-बुध मिटाने, मृगतृष्णा जैसे सपनों को थोड़ी देर छू लेने, थोड़ा बुदबुदा कर मन की गाँठें ढीली करने और अपने ही दिल को समझाने के लिए। कड़वी बातें जब अंदर लंबी चुभन बनकर रह जाती हैं और हँसी की गुंजन भी फीकी पड़ जाती है.तब बस थोड़ी नई ऊर्जा जुटाने को मैं वहाँ जाता हूँ। मैं नादान भी नहीं हूँ और न पागल, न ही कोई भटका हुआ आदमी। दूसरों की सभी बातें सुनकर भी अपने असली ज़ख्म तो दिल में ही रखता हूँ और इन्हीं घावों की आवाज़ सुनने के लिए भी मैं मधुशाला जाता हूँ।

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