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लड़कों से कोई नहीं पूछता ख़ैरियत

काफ़ी वक्त हो गया है,
अब कोई नहीं पूछता लड़कों से ख़ैरियत।
किसी को दिलचस्पी नहीं रहती यह जानने में कि वो ठीक हैं या नहीं।उनसे बस पूछा जाता है उनकी हैसियत, सैलरी और सफलता के पैमाने।ज़रा-सा पीछे रह जाने पर उनके हिस्से में आती हैं . आलोचना, तंज और एक लंबी चुप्पी,जिसमें उनका मन ख़ुद से ही लड़ता रहता है।

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एक बच्चे को स्नेहपूर्वक गोद में लिए अभिभावक, जो जन्म से अधिक पालन-पोषण के महत्व को दर्शाता है।

पालना महान है !

क्या किसी बच्चे को जन्म देना ही सबसे बड़ा पुण्य है, या उसका प्रेम, त्याग और जिम्मेदारी के साथ पालन-पोषण करना अधिक महान है? “पालना महान है!” कविता इसी प्रश्न को केंद्र में रखकर समाज की स्थापित धारणाओं को चुनौती देती है। यह रचना मातृत्व-पितृत्व, स्वार्थ, कर्तव्य और जीवन के दार्शनिक पक्ष पर गंभीर विमर्श प्रस्तुत करती है। संवेदनशील भाषा और तीखे प्रश्नों के माध्यम से कविता पाठक को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है।

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साहित्यकार मधु मिश्रा पुस्तकों के साथ बैठी हुई, लेखन और साहित्यिक उपलब्धियों को दर्शाता प्रेरणादायक दृश्य।

मधु मिश्रा : संवेदना की लेखिका

मधु मिश्रा हिंदी साहित्य जगत की एक संवेदनशील, सक्रिय और बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न रचनाकार हैं। उन्होंने कहानी, लघुकथा, कविता, हाइकु और आलेख के माध्यम से समाज, स्त्री संवेदना और रिश्तों के यथार्थ को प्रभावशाली स्वर दिया है। उनका लघुकथा संग्रह धूप के पाँव तथा कहानी संग्रह ड्रीम गर्ल विशेष रूप से चर्चित रहे हैं। वर्ष 2001 से निरंतर उनकी रचनाएँ अनेक प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रही हैं। अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित मधु मिश्रा आज नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।

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चाँदनी रात में शांत झील के किनारे सजे हुए रथ पर साथ बैठे भारतीय दंपति, जिनके चेहरे पर आत्मिक प्रेम, स्नेह और मधुर भावनाओं की झलक दिखाई दे रही है। आसपास खिलते फूल और चाँदनी कविता के श्रृंगार रस को साकार करते हैं।

प्रीति-रथ पर गीत बैठे

‘प्रीति-रथ पर गीत बैठे’ प्रेम, नेह और आत्मीय भावनाओं से ओतप्रोत एक मधुर हिंदी गीत है। इसमें चाँदनी, स्वप्न, रागिनी और प्रकृति के सुंदर बिंबों के माध्यम से प्रेम की कोमल अनुभूतियों को सजीव किया गया है। श्रृंगार रस से सुसज्जित यह कविता दो हृदयों के आत्मिक मिलन, जीवन की मधुर स्मृतियों और प्रेम की शाश्वत अनुभूति को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत करती है।

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राम भक्त हनुमान दिव्य छवि

राम भक्त हनुमान

राम भक्त हनुमान पर आधारित यह भावपूर्ण हिंदी कविता उनकी भक्ति, शक्ति और संकट मोचन स्वरूप का सुंदर वर्णन करती है। पवनपुत्र की महिमा को समर्पित यह रचना आस्था और श्रद्धा से भर देती है।

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ग्रामीण स्त्री, श्रम और विस्थापन के प्रतीकों के साथ सामाजिक यथार्थ दर्शाती हिंदी कविता का दृश्य

वसंत नहीं लौटता

यह कविता बसंता और वसंत के प्रतीक के माध्यम से श्रम, विस्थापन और जीवन के असंतुलन को दर्शाती है। सौंदर्य, पर्यटन और संघर्ष के बीच का कटु यथार्थ इसमें मुखर है।

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शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा की सात यात्रा पूर्ण होने पर जैन तपस्वी अंकित बोथरा का बहुमान करते श्रद्धालु, हाथों में ध्वज, कुमकुम-अक्षत से स्वागत और भगवान आदिनाथ के जयकारों के बीच भक्तिमय वातावरण।

घोर तप और संयम की मिसाल बने तपस्वी अंकित बोथरा

शत्रुंजय गिरिराज की दिव्य सात यात्रा पूर्ण, तपस्वी का भावभरा बहुमान सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वॉयर न्यूज महिदपुर रोड।जय आदिनाथ… जय आदिनाथ…भगवान आदिनाथ के मंगलकारी जयकारों से गुरुवार को महिदपुर रोड नगर का कण-कण भक्तिरस में सराबोर हो उठा। अवसर था शत्रुंजय गिरिराज पालीताणा महातीर्थ की चौविहार छठ सहित अत्यंत दुर्लभ एवं पुण्यप्रद सात यात्रा…

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फूलों की गुफ़्तगू…

फूलों की महक में जैसे कोई नर्म-सा सवाल छुपा था। हम रुके तो उन्होंने आहिस्ता से गुफ़्तगू शुरू कर दी। हमने भी दिल का हाल कह दिया. वो बातें, जो बरसों से किसी को न बताई थीं। अजीब ये हुआ कि हमारी हर बात पर फूल और भी महकने लगे, मानो मोहब्बत ने उन्हें भी अपनी गिरफ़्त में ले लिया हो। अब बाग़ की हर कली यूँ मुस्कुराती है, जैसे हमारी रूह से उनका कोई पुराना नाता हो।

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फर्ग्युसन रोड : पुणे की धड़कन पर एक दिन

णे शहर की रगों में सिर्फ इतिहास नहीं, आज की धड़कन भी बहती है और उस धड़कन की सबसे तेज़ लय सुनाई देती है फर्ग्युसन रोड पर। यहां की सड़कों पर चलती जवान होती नई पीढ़ी, अपने सपनों के स्केच बनाते कलाकार, नए फैशन की तलाश में भटकती युवतियां, और हर नुक्कड़ पर सजे खाने-पीने के ठिकाने .सब मिलकर एक ऐसा जीवंत कोलाज रचते हैं, जिसे देखना नहीं, जीना पड़ता है। चाहे वह ‘कट्टा’ पर बैठे युवाओं की हलचल हो, या ब्रश और कैनवास के बीच गहराते रंग, हर पल कुछ नया, कुछ असाधारण घट रहा होता है। यही पुणे है. जहां हर मोड़ पर ज़िंदगी मुस्कुरा रही होती है, और हर सड़क पर एक नई कहानी जन्म लेती है।कभी-कभी शहर के किसी एक रास्ते पर चलने भर से आप उस शहर की आत्मा से मिल लेते हैं। पुणे में फर्ग्युसन रोड (एफसी रोड) एक ऐसा ही रास्ता है .जो केवल एक सड़क नहीं, एक एहसास है।

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