एकमात्र जिन शासन ही सच्ची राह दिखाता है
महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।
चार बेटे होने के बावजूद, उस बुज़ुर्ग दंपत्ति को जीवन के अंतिम पड़ाव पर अकेलापन ही नसीब हुआ। सबने अपना-अपना जीवन चुन लिया, लेकिन अपने पीछे छोड़ गए वे माँ-बाप, जिनकी आँखें अब भी दरवाज़े की ओर टिकी रहती हैं। दादा-दादी अब पोतों की कहानियों और संस्कारों की बातें नहीं कर सकते, क्योंकि वे अब आसपास ही नहीं हैं।
घर की चिंता, इज़्ज़त और नाम की रक्षा अब किसे करनी है — ये सवाल दीवारों से टकराकर लौट आते हैं। माँ-बाप अब खुद को विरह की आग में झोंकने को तैयार हैं, क्योंकि बेटा अब बड़ा हो चुका है, पढ़-लिखकर देश से दूर जा चुका है, अपनी ज़िंदगी बनाने।
डाउन सिंड्रोम एक आनुवंशिक स्थिति है, लेकिन यह किसी बच्चे की संभावनाओं को सीमित नहीं करती। सही देखभाल, संतुलित आहार और माँ के प्यार से ऐसे बच्चे भी आत्मनिर्भर और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
“उजाले की ओर” एक प्रतीकात्मक लघुकथा है, जिसमें अंधकार और प्रकाश के टकराव के जरिए समाज की छिपी बुराइयों को उजागर किया गया है। यह कहानी बताती है कि सच का प्रकाश जब फैलता है, तो अंधेरा टिक नहीं पाता।
MP Board 10वीं-12वीं का रिजल्ट 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी होगा. 16 लाख से अधिक छात्र वेबसाइट और DigiLocker के जरिए अपना परिणाम देख सकेंगे.
महिदपुर रोड की प्रतिभाशाली छात्रा आकांक्षा शर्मा ने सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय में एमएससी जूलॉजी में प्रथम स्थान प्राप्त कर शानदार उपलब्धि हासिल की। 30वें दीक्षांत समारोह में उन्हें राज्यपाल मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा दो गोल्ड मेडल और “बेस्ट स्टूडेंट” सम्मान से नवाजा गया। उनकी इस सफलता से पूरे महिदपुर रोड में गर्व और उत्साह का माहौल है।
मैं एक पुरानी दीवार हूँ बोलने में असमर्थ, फिर भी सबके दुःख-दर्द, गुस्से और उपेक्षा की साक्षी| लोग अपने विषाद, हँसी, और थकान को मुझ पर टांग जाते हैं जैसे कोई पोस्टर दीवार पर चिपकाता है| जब वे मेरी पीठ से सिर टिकाकर बैठते हैं, मैं उन्हें मौन सहारा देती हूँ्| फिर भी, बदले में मुझे गालियॉं और अपमान मिलता है जैसे कोई पान की पीक थूक देता हो| मैं पुरानी जरूर हूँ, टूटने की कगार पर भी, लेकिन मेरे भीतर इतिहास छिपा है मैं ऐतिहासिक हूँ्
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रस्तुत यह लेख प्रकृति और मानव के संबंधों पर गंभीर चिंतन करता है। इसमें बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वृक्षों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के दुष्परिणामों को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व बताया गया है। लेख यह संदेश देता है कि प्रकृति बदला नहीं लेती, बल्कि समय आने पर अपने साथ किए गए व्यवहार का हिसाब बराबर करती है।
फिल्मी दुनिया में कई सितारे आते हैं, चमकते हैं और फिर वक्त के साथ ओझल हो जाते हैं. लेकिन ऐश्वर्या राय बच्चन उस दुर्लभ श्रेणी में आती हैं, जो सिनेमा से आगे बढ़कर एक स्थायी संस्था बन चुकी हैं. उन्होंने जब फिल्मों की रफ्तार धीमी की, तब भी उनकी कीमत, प्रभाव और पहचान लगातार बढ़ती रही. करीब 900 करोड़ रुपये की अनुमानित संपत्ति के साथ ऐश्वर्या आज केवल एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक साइलेंट पावर ब्रांड हैं.
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में “भारतीय ज्ञान परंपरा के विशेष संदर्भ में भूगोल विषय” पर केन्द्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज के निर्देशन में कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में भूगोल विषय के पाठ्यक्रम निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा को समाहित करना है।