साहित्यकार मधु मिश्रा पुस्तकों के साथ बैठी हुई, लेखन और साहित्यिक उपलब्धियों को दर्शाता प्रेरणादायक दृश्य।

मधु मिश्रा : संवेदना की लेखिका

मधु मिश्रा हिंदी साहित्य जगत की एक संवेदनशील, सक्रिय और बहुमुखी प्रतिभा सम्पन्न रचनाकार हैं। उन्होंने कहानी, लघुकथा, कविता, हाइकु और आलेख के माध्यम से समाज, स्त्री संवेदना और रिश्तों के यथार्थ को प्रभावशाली स्वर दिया है। उनका लघुकथा संग्रह धूप के पाँव तथा कहानी संग्रह ड्रीम गर्ल विशेष रूप से चर्चित रहे हैं। वर्ष 2001 से निरंतर उनकी रचनाएँ अनेक प्रतिष्ठित समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रही हैं। अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित मधु मिश्रा आज नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।

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अंदर की चीख़ें: मुस्कुराते चेहरे के पीछे का तूफ़ान

यह कविता एक ऐसी संवेदनशील आत्मा की आवाज़ है जो दुनियावी दिखावे और भीड़ की नजरों से छुपे अपने दर्द, संघर्ष और अंतर्मन की झंझावतों को बयां करती है। वह खुद को रोज़ झुकाते हुए भी टूटी नहीं है, अपने अंदर के तूफ़ान से रोज़ लड़ती है, लेकिन उसकी चुप्पी, उसका हौसला, उसकी मोहब्बत और उसकी संभावनाएं—किसी की नज़र में नहीं आतीं। यह एक ऐसा आईना है जिसमें हर वो व्यक्ति खुद को देख सकता है जिसने कभी खुद को भीड़ में खोया पाया हो।

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धर्मेंद्र receiving Padma Vibhushan 2026 – posthumous award

पद्म विभूषण से सम्मानित हुए धर्मेंद्र

इस साल के पद्म पुरस्कारों की घोषणा ने बॉलीवुड और सिनेमा जगत में हलचल मचा दी है, लेकिन इस बार की खबर सिर्फ नामों तक सीमित नहीं है। पद्म विभूषण से सम्मानित धर्मेंद्र के सम्मान के पीछे एक भावनात्मक और प्रेरक कहानी छुपी है। धर्मेंद्र, जिन्हें ‘बॉलीवुड का ही-मैं’ कहा जाता है, का निधन नवंबर 2025 में हुआ था, और उनके इस पोस्टह्यूमस सम्मान ने उनके परिवार, खासकर उनके बेटों सनी और बॉबी को गर्व और प्रेरणा दी है

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बरसात, भक्ति और मेला

“बरसात से लबालब भरे गाँव का दृश्य। चारों ओर पानी ही पानी, ताल-तलैया और खेतों में भरे जल के बीच पगडंडी डूबी हुई है। कुछ ग्रामीण घुटनों तक कपड़ा उठाए, हाथ में चप्पल पकड़े सावधानी से रास्ता पार कर रहे हैं। बच्चे किनारे पर खड़े हँसते-खिलखिलाते तालियाँ बजा रहे हैं। दूर खुले-खुले पैतृक घर और हरसिंगार का पेड़ दिख रहा है, जिसकी झरती कलियाँ पूजा के लिए टोकरी में भरी जा रही हैं। पृष्ठभूमि में गाँव का दुर्गा पूजा पंडाल, मिट्टी की प्रतिमा, जलते दीपक और ढाक-वादन से गूँजता भक्तिमय वातावरण दिखाई दे रहा है।”

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मुझसे मुझ तक…

प्रेम मेरे लिए कभी प्रश्न नहीं रहा।
मैंने देखा है तृणों को ओस की बूँदों को थामते हुए,
नन्हें जीवों को अपनी माँ की खोज में भटकते हुए,
धरती को तपिश में बादलों के लिए तड़पते हुए,
और पतझड़ को बसंत की याद में बिलखते हुए।
मेरे लिए तो यही है प्रेम की सबसे संजीदा कहानी जहाँ पीड़ा भी करुणा में ढल जाती है,
और आँसू भी कविता बनकर बह निकलते हैं।

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जिंदगी के सुख-दुख, हार-जीत और जीवन दर्शन को दर्शाती प्रेरणादायक हिंदी कविता

जिंदगी का सच

हार और जीत, सुख और दुख, प्रेम और घृणा—जिंदगी इन सभी भावों का संगम है। यह कविता जीवन के इसी सत्य को सरल शब्दों में व्यक्त करती है और हमें सिखाती है कि कर्म, सरलता और परमार्थ के मार्ग पर चलकर ही जीवन के पलों को सार्थक बनाया जा सकता है।

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बारिश, प्यार और बिछड़ाव की कहानी

अब क्या होगा..

टीवी पर चलता एक सीन जैसे ही शेफाली की आँखों में उतरा, अतीत के पन्ने खुद-ब-खुद खुलने लगे। बारिश की वो पहली मुलाकात, फिसलते कदम और करण के मजबूत हाथों का सहारा सब कुछ जैसे कल की ही बात हो। लाइब्रेरी की खामोशियों में पनपा प्यार कब हदें पार कर गया, उन्हें खुद भी पता नहीं चला। मगर हालातों ने ऐसा मोड़ लिया कि वही प्यार एक अधूरी कहानी बनकर रह गया। आज जब जिंदगी आगे बढ़ चुकी है, दिल के किसी कोने में वो यादें अब भी भीगती हैं बिल्कुल उस पहली बारिश की तरह।

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गधे पैदा नहीं होते, बनाए जाते हैं…

अगर आप सोचते हैं कि बिना मेहनत के मोटी कमाई संभव नहीं तो जनाब आप गलत हैं। पेश है “बाबा मेकिंग कंपनी प्रा. लि.” का बेमिसाल मॉडल, जहाँ थोड़ी वाकपटुता, थोड़ी झूठ बोलने की कला और चमत्कार बेचने का हुनर आपको रातों-रात ‘दी ग्रेट बाबा’ बना सकता है। लाखों गधे आपका इंतजार कर रहे हैं जो आंख मूंदकर आपके ‘चमत्कार’ पर भरोसा करेंगे। बस दस हज़ार रुपये निवेश कीजिए और करोड़ों में खेलिए। धर्म, चमत्कार और गधों की दुनिया में आपका स्वागत है!

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खुशबू से बंधा पहला प्यार

यह कविता मानो खुशबुओं का एक जीवन वृत्तांत है। हर स्मृति, हर अनुभव एक विशेष सुगंध से जुड़कर अमर हो गया है। पहली बारिश की मिट्टी की महक, प्रियतम की मीठी बातों की महक, किताबों से उठती खुशबू, हाथों में महंदी की गंध, गहनों में समाया पसीना, खिड़की से आती रातरानी की महक और तन पर चंदन की सुगंध—सब कुछ उसके प्रेम और साथ के अनुभवों से गुँथा हुआ है। यह केवल प्रेम की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि उन अदृश्य अनुभूतियों का बयान है जो इंद्रियों से परे जाकर हृदय में स्थायी छाप छोड़ देती हैं। हर खुशबू, एक स्मृति बनकर जीती है और हर स्मृति में प्रेम की गहराई झलकती है।

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वृद्धाश्रम में खिड़की के पास बैठी एक बुजुर्ग भारतीय माँ, हाथ में बेटे की फोटो, आंखों में इंतज़ार और दर्द

मस्‍त हवा का इक झौंका

यह कविता मां और बच्चों के प्रेम और यादों की भावनाओं को उजागर करती है। जीवन में अलगाव, पालन-पोषण और अंततः मातृत्व के अद्भुत बंधन को दर्शाती यह कविता भावनात्मक और मार्मिक है। प्रत्येक पंक्ति में माँ और बच्चे के बीच के गहरे प्यार और यादों का सौंदर्य दिखाई देता है।

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