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Elite international cyclists competing in Bajaj Pune Grand Tour 2026 on scenic Western Ghats route near Pune during UCI 2.2 road cycling race.

बजाज पुणे ग्रैंड टूर-2026 वैश्विक स्तर पर

बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 के जरिए भारत की पहली UCI 2.2 बहु-चरणीय रोड साइक्लिंग प्रतियोगिता का वैश्विक मंच पर भव्य आगाज हुआ है. 80 से अधिक देशों में सीधा प्रसारण और ओलंपिक क्वालिफिकेशन अंकों के साथ यह दौड़ भारतीय साइक्लिंग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है.

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एक वरिष्ठ पत्रकार टूटी बाइक और छोटी दीवार पर संतुलन बनाकर मोबाइल से फोटो लेते हुए, पीछे भीड़ और राजनीतिक कार्यक्रम का दृश्य, पत्रकारिता के जुनून का प्रतीक।

एक क्लिक, जो पत्रकारिता का प्रतीक बन गया

वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा का एक फोटो-क्लिक मीडिया में वायरल होकर खुद एक “ख़बर” बन
गए। राहुल गांधी के दौरे के दौरान उन्होंने जोखिम भरा एंगल लेकर फोटो खींचा, और उसी क्षण उनका यह एक्शन पत्रकारिता के असली जुनून और समर्पण का प्रतीक बन गया जिसे RK स्टूडियोज के प्रसिद्ध लोगो की तरह मध्यप्रदेश की पत्रकारिता का प्रतीक बनाया जा सकता है

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कोहरे भरे रास्ते पर खड़ा व्यक्ति दूर दिखाई देती रोशनी की ओर देखता हुआ, ईश्वर की योजना पर विश्वास और आशा का प्रतीक

कठिन रास्ते, सुंदर मंज़िलें…

“उसके प्लान पर विश्वास रखना” एक प्रेरक रचना है जो जीवन की कठिन परिस्थितियों को ईश्वर की गहरी योजना के रूप में देखने का दृष्टिकोण देती है। यह रचना सिखाती है कि असफलता, दूरी और अभाव भी हमें मज़बूत, जागरूक और कृतज्ञ बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।

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सुबह की सुनहरी रोशनी में खेतों के बीच उगता सूरज और गोद में शिशु लिए माँ की छाया, धैर्य, संयम और आशा का प्रतीक

…बस धीरज का छोर न छूटे

बस धीरज का छोर न छूटे” एक सारगर्भित हिंदी कविता है जो धैर्य, सहनशीलता और अडिग विश्वास को जीवन का सबसे बड़ा बल बताती है। प्रकृति, मातृत्व, इतिहास और भक्ति के उदाहरणों के माध्यम से यह रचना बताती है कि समय चाहे कितना भी कठिन हो, धीरज ही सफलता और शांति की कुंजी है।

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सूरज रे तू बढ़ता चल

सूरज रे तू बढ़ता चल” एक प्रेरणादायक कविता है जो अंधकार, थकान और कठिन परिस्थितियों के बीच निरंतर आगे बढ़ते रहने का संदेश देती है। सूरज यहाँ केवल एक खगोलीय पिंड नहीं, बल्कि साहस, उम्मीद और उजाले का प्रतीक बनकर उभरता है।

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एक टूटा हुआ काँच का गिलास और खिड़की के पास उदास मुद्रा में बैठा व्यक्ति, जीवन और रिश्तों के टूटने का प्रतीक

टूटना

यह कविता ‘टूटना’ शब्द के बहाने जीवन की उन सभी चीज़ों को छूती है, जिनका टूटना केवल भौतिक नहीं बल्कि भावनात्मक और अस्तित्वगत पीड़ा भी बन जाता है। पेंसिल की नोक से लेकर रिश्तों और विश्वास तक हर टूटन एक गहरी चुप्पी छोड़ जाती है।

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….बिना पिए ही जब हद से गुजरता है नशा

क्या आपने कभी बिना शराब पिए नशे का अनुभव किया है? यह थकान या कमजोरी नहीं, बल्कि ऑटो-ब्रुअरी सिंड्रोम जैसी दुर्लभ बीमारी का संकेत हो सकता है, जिसमें आपके शरीर के भीतर कुछ बैक्टीरिया खुद शराब बनाते हैं।

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महिदपुर रोड श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करती पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी महाराज साहब

एकमात्र जिन शासन ही सच्ची राह दिखाता है

महिदपुर रोड स्थित श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में आयोजित धर्मसभा में पूज्य साध्वी चारित्र कलाश्री जी म.सा. ने जिन शासन को जीवन की सच्ची राह बताते हुए भगवान महावीर की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

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बीएमसी की हार… क्योंकि मुंबई बदल रही है

बीएमसी चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है, बल्कि यह मुंबई के बदलते मतदाता और राजनीति की नई प्राथमिकताओं का संकेत है। भावनात्मक अपील से आगे बढ़कर अब शहर स्थिर शासन, विकास और स्पष्ट नेतृत्व चाहता है। यही बदलाव ठाकरे युग के अंत और नई राजनीति की शुरुआत को परिभाषित करता है।

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लिखते हुए तुम

यह कविता लिखने की प्रक्रिया के भीतर छिपे प्रेम, एकाग्रता और भावनात्मक जुड़ाव को उकेरती है। प्रिय को लिखते हुए देखना, उसकी उँगलियों, कलम और भावनाओं को महसूस करना यह रचना शब्दों से पहले जन्म लेने वाले एहसासों की कथा है।

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