गणतंत्र दिवस पर “कथा-कथन” कार्यक्रम संपन्न
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कथा-कथन कार्यक्रम में साहित्य, संवेदना और सामाजिक सरोकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति देखने को मिली।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कथा-कथन कार्यक्रम में साहित्य, संवेदना और सामाजिक सरोकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति देखने को मिली।
राब्ता” एक ऐसे दिल की पुकार है, जो अपने ही रिश्ते में दूरी और उदासी महसूस करता है। शिकायत यह नहीं कि मोहब्बत कम है, बल्कि यह है कि समझने और अपनाने की कमी है। ख़्वाब सजाए गए हैं, मगर उन्हें पूरा करने वाली बाहों की गर्मी नहीं मिलती। रक़ीबों की जुर्रत चुभती है, लेकिन अपने परदे की हिफ़ाज़त करने वाला कहीं और खोया रहता है। आईने में भी अब चेहरा नहीं दिखता, क्योंकि नज़रें सिर्फ़ उसी हुस्न की तलाश में हैं। चाँद भी जब उसके दर पर आता है तो उसकी तवाज़ुन खो जाती है। मोहब्बत की क़वायदें शायद काफ़िरों जैसी नहीं होतीं, तभी तो दिल देने के बाद भी सुकून कहीं और नहीं मिलता।
कुछ लड़कियाँ अपने सपने छोड़ती नहीं, बस वक्त और जिम्मेदारियों के नीचे छिपा देती हैं। यह कहानी एक ऐसी ही लड़की की है, जिसने परिस्थितियों से समझौता किया, लेकिन अपने भीतर की पहचान को कभी मरने नहीं दिया।
गोधूलि बेला में सुनहरी रश्मियों से जगमगाता समंदर, हवा और लहरों के खेल के बीच दो प्रेमियों की पहली निकटता की कहानी। लेखक ने समंदर, लहरों और हवा की प्राकृतिक सुंदरता के साथ पात्रों की नज़रों, झुमके और बेली के गजरे के माध्यम से रोमांच और रोमांस को जीवंत किया है। हर विवरण में वातावरण और संवेदनाएँ इतनी वास्तविक लगती हैं कि पाठक खुद उस समंदर किनारे मौजूद होने का अनुभव करता है। यह कहानी प्रकृति और प्रेम के बीच की नाजुक संतुलन और पहले स्पर्श की ऊष्मा को उजागर करती है।
नौवीं कक्षा में प्रवेश से पहले साइकिल सीखने का सपना हर छोटे शहर के बच्चे की तरह लेखक के मन में भी पलता रहा। पैसों की कमी, उधारी की सीमाएँ और जुगाड़ के सहारे मिली एक खटारा साइकिल गिरते-पड़ते सीखने की कोशिश और अंत में हुई “क्रैश लैंडिंग” इस कहानी को मासूम बचपन की यादों से भर देती है।
महिला काव्य मंच (मध्य) की लखनऊ इकाई द्वारा 14 नवम्बर 2025 को ऑनलाइन मासिक काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम बाल दिवस के उपलक्ष्य में समर्पित रहा, जिसमें बचपन, मासूमियत, संस्कार, स्मृतियों और जीवन मूल्यों पर आधारित अनेक भावपूर्ण व विविध विधाओं की रचनाएँ प्रस्तुत की गईं. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. ऊषा चौधरी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश मध्य (मकाम) तथा विशिष्ट अतिथि नोरिन शर्मा, सचिव पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मकाम) रहीं. गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. राजेश कुमारी (राष्ट्रीय अध्यक्षशिक्षा मंच एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मकाम ने की.
फूल डोल चल समारोह के दौरान एक युवक करतब दिखाते समय बुरी तरह झुलस गया। घटना टॉवर चौराहे पर हुई, जहां अखाड़े का युवक गाड़ी पर चढ़कर मुंह में पेट्रोल डालकर आग के गोले बनाने का प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान अचानक हादसा हो गया। प्रकाश नगर निवासी युवराज, पिता राजकुमार मरमट, इस हादसे…
पश्चिम रेलवे का डिजिटल टिकटिंग अभियान मुंबई।पश्चिम रेलवे ने यात्रियों को RailOne ऐप के माध्यम से डिजिटल, त्वरित और कैशलेस टिकटिंग अपनाने के लिए एक व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रचार अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और यात्रा को अधिक सुगम बनाना है। RailOne ऐप एक एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है,…
गुड़ वाली चाय और मैं दोनों थोड़े देसी, थोड़े अनगढ़, पर पूरी तरह ईमानदार। जैसे गुड़ अपने रंग को धीरे-धीरे पानी में खोलता है, वैसे ही मेरी मिठास भी समय लेकर सामने आती है। सादगी में भी स्वाद छिपा होता है, यही हमें एक-दूसरे से जोड़ता है।
एक सितंबर से एक भी दुकान नहीं लगने देंगे, अन्यत्र शिफ्ट करें दस दिन बाद बड़ा-छोटा सराफा में चौपाटी लग पाएगी या नहीं इसे लेकर रस्साकशी की स्थिति बनना तय है। भाजपा को भी राजनीति करना है, पेंच यह भी फंस रहा है कि सराफा क्षेत्र विधानसभा क्षेत्र क्रमांक चार का हिस्सा है और भाजपा…