श्री सुविधिनाथ जैन मंदिर में हुआ भव्य आयोजन

महिदपुर रोड से सचिन भंडारी की रिपोर्ट
महिदपुर रोड। जैन समाज द्वारा शासन स्थापना दिवस अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वैशाख सुदी ग्यारस, सोमवार प्रातः 8:00 बजे श्री सुविधिनाथ जैन मंदिर परिसर में सकल जैन श्री संघ एवं परिषद परिवार की मंगलमय उपस्थिति में शासन ध्वज का विधिवत पूजन किया गया तथा वरिष्ठ समाजजनों द्वारा ध्वज फहराया गया।
ध्वजारोहण के पश्चात मंदिर परिसर “अहो जय जिन शासन” एवं “जय जय जिन शासन” के मंगलकारी जयकारों से गूंज उठा। उपस्थित समाजजनों ने एक स्वर में शासन ध्वज गीत का गायन किया और भगवान महावीर स्वामी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। जैन धर्म में शासन स्थापना दिवस का अत्यंत पवित्र, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक महत्व माना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार शासन नायक भगवान महावीर स्वामी ने केवलज्ञान प्राप्ति के अगले दिन पावापुरी में गौतम स्वामी जी को प्रथम गणधर बनाकर वैशाख सुदी ग्यारस के दिन चतुर्विध संघ साधु, साध्वी, श्रावक और श्राविका की स्थापना की थी। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में देशभर में जैन समाज इस दिवस को श्रद्धा के साथ मनाता है। यह दिवस जैन धर्मावलंबियों के लिए आत्मा को परमात्मा बनाने के मार्ग पर समर्पण, अनुशासन, आराधना और धर्म कर्तव्य का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर शासन वंदना, ध्वज पूजन और सामूहिक आराधना का विशेष महत्व है।
समाजजनों की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता
कार्यक्रम में जैन श्री संघ अध्यक्ष अजय चौरड़िया सहित समाज के वरिष्ठजन, नवयुवक मंडल, महिला परिषद, बहु परिषद, तरुण परिषद एवं बालिका परिषद के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने धर्म लाभ अर्जित करते हुए आयोजन को सफल बनाया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ नई पीढ़ी को संस्कृति, परंपरा और धर्म से जोड़ने का कार्य करते हैं। शासन ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा, संयम और मोक्ष मार्ग का संदेशवाहक है। कार्यक्रम का समापन मंगल पाठ, जयकारों और धर्म आराधना के साथ हुआ।
