हो जाओगे लापता

हो जाओगे लापता : रूहानी प्रेम और भावनाओं पर हिंदी कविता

अनामिका अर्श, रांची

अपनी गुस्ताख नज़रों को संभालो ज़रा….
वरना हो जाओगे लापता….
ये मय के प्याले नहीं….
मेरी आँखें हैं आसमानी….।

मुहब्बत को शर्मसार न करो….
वासना के उच्छ्वासों से…..
मंदिर है, ये मत्था टेको….
होता नहीं हर रिश्ता जिस्मानी….।

न चाँद की चाहत है मुझे…..
न सितारों की है तमन्ना….
जुगनू ही बन जाइए….
होगी आपकी बड़ी मेहरबानी….।

चंद्रमा को देख खिलती कुमुदिनी,
स्वाति की बूँद से बुझती चातक की प्यास….
किसी के ख़याल से जल उठते हैं नैनों में चिराग….
तुम नहीं समझोगे…..
ये बातें हैं रूहानी…


ये रचनाएं भी पढ़ें-
प्यार में मर्यादा
रफ़्ता-रफ़्ता तुम दिल में उतर गए
हो जाओगे लापता
गर्मी की छुट्टियां
गणित और जिंदगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *