चलता चल राही
चलता चल राही” एक प्रेरणादायक कविता है, जो बताती है कि जीवन की राह में कांटे, बाधाएँ और संघर्ष आएँगे, लेकिन रुकना नहीं बस चलते रहना ही विजय का मार्ग है।

चलता चल राही” एक प्रेरणादायक कविता है, जो बताती है कि जीवन की राह में कांटे, बाधाएँ और संघर्ष आएँगे, लेकिन रुकना नहीं बस चलते रहना ही विजय का मार्ग है।
लेखन का उद्देश्य केवल ज्ञान बाँटना नहीं, बल्कि स्वयं से शुरू होने वाला परिवर्तन होना चाहिए। जब लेखन आत्मचिंतन बनता है, तभी वह समाज को दिशा देता है।
शब्दों से परे प्रेम की एक कोमल अनुभूति “ख़ामोश प्रेम-पत्र” उस भावना को बयान करती है, जहाँ लिखना नहीं, महसूस करना ही प्रेम है।
वेलेंटाइन डे पर पोलैंड के एक चिड़ियाघर ने दिल टूटे लोगों के लिए अनोखा ऑफर शुरू किया है. इस स्कीम के तहत लोग अपने एक्स पार्टनर के नाम पर कॉकरोच को गोद ले सकते हैं. यह पहल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.
नाभि दिखाती कमरलाइन, नीचे बैठी जींस और आत्मविश्वास से भरा अंदाज़—साल 2026 में फैशन की दुनिया एक बार फिर 2000 के दशक की ओर लौट चुकी है। लो-राइज़ जींस, जिसे कभी “खतरनाक रूप से नीचे बैठी जींस” कहा जाता था, अब नए रूप, बेहतर फिट और ज्यादा आराम के साथ दोबारा ट्रेंड में है।
पुणे के सामाजिक उद्यमी प्रदीप लोखंडे ने पोस्टकार्ड और पुस्तकों के माध्यम से ग्रामीण भारत में पढ़ने की संस्कृति विकसित की और लाखों बच्चों का भविष्य बदला।
“हम सपने देख रहे हैं” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो स्त्री के जीवन, त्याग, श्रम, घरेलू और सामाजिक संघर्ष को रोटी के प्रतीक के माध्यम से गहराई से अभिव्यक्त करती है।
“बदलता वक़्त” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो टूटते रिश्तों, बढ़ती हैवानियत, अख़बारी सुर्खियों की लाल स्याही और समाज में गिरती इंसानियत को संवेदनशील शब्दों में उजागर करती है।
संगठन संरचना व कार्यप्रणाली पर हुआ मंथन नई दिल्ली से प्रेरणा बुडाकोटी की रिपोर्ट नई दिल्ली | स्त्री शक्ति संगठन द्वारा 31 जनवरी (शनिवार) को “संगठन संरचना एवं कार्यप्रणाली” विषय पर एक विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन की मुख्य अध्यक्षा ममता शर्मा ने किया। गोष्ठी में विभिन्न आयु वर्ग…
जब नौकरी के नाम पर बच्चे बेचे जा रहे थे और सिस्टम खामोश था, तब IPS मल्लिका बनर्जी ने वर्दी उतारकर अंडरकवर जंग लड़ी. यह कहानी सिर्फ़ बहादुरी की नहीं, भारत में फैली बाल तस्करी की कड़वी सच्चाई की है.