मेरी प्यारी काली माँ
यह कविता माँ काली के साथ एक बेटी के गहरे आत्मीय रिश्ते को दर्शाती है, जहाँ देवी माँ कभी मित्र, कभी माँ, तो कभी मार्गदर्शक बनकर जीवन में शक्ति और सहारा देती हैं।

यह कविता माँ काली के साथ एक बेटी के गहरे आत्मीय रिश्ते को दर्शाती है, जहाँ देवी माँ कभी मित्र, कभी माँ, तो कभी मार्गदर्शक बनकर जीवन में शक्ति और सहारा देती हैं।
“अंतर्मन की वेदना” एक ऐसी कविता है जो टूटे हुए जज़्बातों और आत्मिक पीड़ा को गहराई से व्यक्त करती है। यह दिखाती है कि कैसे अति संवेदनशीलता कभी-कभी इंसान को भीतर से तोड़ देती है और जीवन उसे कठोर बनना सिखा देता है।
यह कविता समाज के उस बदलते चेहरे को उजागर करती है जहाँ सच बोलने वाले खामोश कर दिए जाते हैं और मंचों पर समझौते बिकते हैं। यह कलम की ईमानदारी और दिखावे की दुनिया के बीच का तीखा टकराव है।
यह कविता श्रीकृष्ण के विविध रूपों और भक्तों के साथ उनके दिव्य संबंधों को दर्शाती है। मीरा से लेकर द्रौपदी तक, हर भक्त की पुकार में कृष्ण की करुणा और प्रेम झलकता है।
“उजाले की ओर” एक प्रतीकात्मक लघुकथा है, जिसमें अंधकार और प्रकाश के टकराव के जरिए समाज की छिपी बुराइयों को उजागर किया गया है। यह कहानी बताती है कि सच का प्रकाश जब फैलता है, तो अंधेरा टिक नहीं पाता।
यह कविता नारद जी और महंगाई के संवाद के माध्यम से समाज की विडंबना को उजागर करती है। महंगाई खुद को निर्दोष बताती है और असली जिम्मेदारी सत्ता और व्यवस्था पर डालती है जो इस व्यंग्य को और भी प्रभावशाली बनाता है।
यह कविता नारी के उस रूप को उजागर करती है जो केवल सहन नहीं करती, बल्कि अन्याय के खिलाफ हुंकार भरती है। जब अत्याचार सीमा पार करता है, तो वही नारी काली, दुर्गा और लक्ष्मीबाई बनकर अन्याय का अंत करती है।
यह कविता भगवान कृष्ण के अनेक दिव्य रूपों और लीलाओं का भावपूर्ण चित्रण करती है, जिसमें बाल्यकाल की नटखटता से लेकर धर्म और कर्म का उपदेश देने वाले सारथी रूप तक उनकी अनंत महिमा को दर्शाया गया है.
उज्जैन-इंदौर के बीच बन रहा 48 किमी ग्रीन कॉरिडोर सफर को 35 मिनट में सिमटाएगा और सिंहस्थ 2028 से पहले क्षेत्रीय विकास का बड़ा आधार बनेगा.