साथ मेरा…..
मधु चौधरी, लेखिका, बोरीवली (मुंबई) हर सांचे में ढलने का हुनर रखती हूंकहर बरपा हो तो भी साथ निभाने काहुनर रखती हूंफेरों का हो या ना हो बंधनवादे करके निभाने काहुनर रखती हूंतेरे दुख में , तू ना डूबे यह भी हुनर रखती हूंतेरे सुख में , तू ना बहके यह भी हुनर रखती हूंबस…
