हिंदी पर बिंदी

शाहना परवीन शान, मुजफ्फरनगर (उत्तरप्रदेश)

आओ, हिन्द पर लगाकर मात्रा,
उसे हिंदी बनाते हैं।
अपने देश को आज हम
हिंदी से सजाते हैं।

केवल अंग्रेज़ी से ही नहीं
चमकेगा देश हमारा।
“हिंदी” को लाएं सामने,
यह दृढ़ संकल्प उठाते हैं।

अपने सभी काम करेंगे,
आज से हम हिंदी में।
आओ, हिंदी को हम
सर्वश्रेष्ठ पहचान दिलाते हैं।

देश करेगा विकास
जब काम होंगे हिंदी में।
अंग्रेज़ी नहीं, राजभाषा हमारी,
सबको याद दिलाते हैं।

आपस में करेंगे बात
हम सभी हिंदी में।
हम सब मिलकर मित्रों,
सपना यह सजाते हैं।

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