Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
हिंदी भाषा हमारी पहचान और भारतीय संस्कृति का प्रतीक

हिंदी

हिंदी हमारे लिए केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार, आत्मसम्मान और पहचान का प्रतीक है. दिल से दिल का संवाद और अपनेपन का अनुवाद है हिंदी.

Read More
हिंदी भाषा और हिंदी शिक्षकों की उपेक्षा पर लेख

हिंदी से परहेज क्यों ?

अंग्रेजी सीखना गलत नहीं, लेकिन क्या आधुनिकता की दौड़ में हिंदी से दूरी बनाना सही है? हिंदी शिक्षकों की उपेक्षा, हिंग्लिश के बढ़ते चलन और बदलती शिक्षा व्यवस्था पर एक विचारोत्तेजक लेख.

Read More

क्या-क्या है हिंदी

कविता हिंदी भाषा की विविधता, सांस्कृतिक महत्व और इसकी भावनात्मक गहराई को उजागर करती है। यह बताती है कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह संबंधों, संस्कारों, व्यक्तित्व, वीरता, साधना और भक्ति का प्रतीक है। मां की गोद से लेकर ऋषि-मुनियों की सभ्यता, संत-कवियों की शिक्षा और समाज के विविध अनुभव—हिंदी इन सबका माध्यम रही है। कविता में यह भी कहा गया है कि हिंदी ने विश्व मंच पर भी अपनी पहचान बनाई है और विभिन्न परिस्थितियों में लोगों के मनोभावों, संस्कारों और इतिहास को व्यक्त किया है।

Read More

हिंदी को ही राष्ट्रभाषा होनी चाहिए

जब 1947 में देश को आज़ादी मिली, तब भाषा की बड़ी चिंता खड़ी हुई। हमारा भारत एक विशाल देश है, जहाँ विविध संस्कृतियाँ हैं, सैकड़ों भाषाएँ बोली जाती हैं, और हज़ारों बोलियाँ भी हैं। हर राज्य की अनेक मातृभाषाएँ हैं। ऐसे विशाल देश को आज़ादी के बाद निवास करने वाले असंख्य भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक समूहों को एक साथ मिलाने का प्रयास भारत की नवनिर्माण सरकार कर रही थी। जबकि हमारे देश के पास स्वयं की कोई राष्ट्रीय भाषा ही नहीं थी।

Read More

मान वाणी हिंदी

“हिंदी अब केवल देश तक सीमित नहीं रही, विदेशों में भी उसका मान बढ़ा है। लोग हिंदी सुनते, समझते और अभिवादन में भी अपनाते हैं। फिर भी हमारे ही शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों को यह सिखाया जाता है कि विकास अंग्रेज़ी से होगा, जबकि हिंदी बोलने पर मानो कोई अपराध कर दिया गया हो। यही हमारी सबसे बड़ी त्रासदी है।”

Read More

मेरी माँ 

मेरी माँ घर से बाहर तो जाती हैं, लेकिन घर को घर पर छोड़ नहीं पातीं। उनकी गृहस्थी उनकी परछाई की तरह हमेशा उनके साथ रहती है। रसोई उनके लिए वह जगह है, जहाँ बच्चे जैसी मासूमियत और स्नेह बसता है। लोग कह सकते हैं कि वह सिर्फ एक गृहिणी हैं, पर मेरी माँ केवल गृहिणी नहीं, मेरी जीवनी हैं।
उन्होंने मुझे इतिहास, भूगोल और गणित की बारीकियाँ, साहस, सहिष्णुता और समग्र दृष्टि दी। लगभग सभी विषयों का ज्ञान और जागरूकता उन्होंने मुझे प्रदान की। इस पूरी प्रक्रिया में मेरे पिता भी मेरे और माँ के विकास में साथ रहे।

Read More

खयालों की दहलीज पर…

बड़े अदब के साथ अल्फाज़ खड़े हैं, खयालों की दहलीज पर। मौन से हारे हुए हुड़दंग भीतर ही भीतर मच रहे हैं। जज़्बातों से सराबोर, अल्फाज़ मचल तो रहे हैं, पर तमीज़ ने उन्हें रोक रखा है, इस तरह कि वे सरेआम बाहर नहीं आ पा रहे।इसलिए बेचारे अल्फाज़ सहम गए हैं, किसी नकाबपोश औरत की तरह। अब उन्होंने अपने अभिव्यक्ति का एक जरिया ढूंढ लिया है। इसी वजह से आजकल उनकी आंखें भी बोलने लगी हैं—वो भी, अल्फाज़ों के परे।

Read More

हिंदी में हँसी, हिंदी में प्यार

आज हिंदी दिवस पर सबको याद दिलाएँ – अंग्रेज़ी नहीं, अपनी प्यारी हिंदी बोलें! बात करें, हँसी-मज़ाक करें और इसे दिल से अपनाएँ। क्योंकि हिंदी है हमारी भाषा, हमारी पहचान।”

Read More

हिंदी पर बिंदी

हम सभी मिलकर हिंदी को अपना अत्यंत महत्वपूर्ण भाषा बनाना चाहते हैं। केवल अंग्रेज़ी के सहारे हमारा देश नहीं चमक सकता, इसलिए हमें हिंदी को आगे लाना होगा। आज से हम अपने सभी कार्य हिंदी में करेंगे और इसे देश की सर्वश्रेष्ठ पहचान दिलाएंगे। जब हम सभी हिंदी में संवाद करेंगे और अपने काम इसी भाषा में करेंगे, तभी देश का विकास वास्तविक रूप से संभव होगा। यह हमारा दृढ़ संकल्प है कि अंग्रेज़ी को राजभाषा मानने के बजाय हम हिंदी को अपनाएँगे और इसे सभी के बीच फैलाएँगे।

Read More

दिलों को जोड़ती, नफरतों को तोड़ती हिंदी

हिंदी अपनी निर्बाध गति से आगे बढ़ती है और लोगों के दिलों को जोड़ती है। यह हिंदुस्तान का हृदय बनकर अपनी सरल और सहज चाल से सबको साथ लेती है। हिंदी संस्कृतियों के बीच पुल बनाती है और वर्जनाओं को तोड़ती है। यह सुहृदयजनों के भावों को अपनी ओर मोड़ती है और परंपराओं को तोड़कर नई परंपराएं बनाती है। हिंदी राम-रहीम और कृष्ण-करीम जैसी एकता को सामने लाती है, बंटी-बबली जैसी कहानियों को अपनाती है और अनेक भाषाओं के दरिया को अपनी ओर मोड़ती है। यह पूरब, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से दिलों को जोड़ती है, प्रेम और इंसानियत को बढ़ाती है और नफरतों को दूर करती है।

Read More