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कविता और कहानी

कभी शब्दों में बहती नदी सी,
कभी भावों की गहराई बनी सी —
कविता जब चलती है मन में,
तो बन जाती है रूह की सखी सी।

हर पंक्ति में छुपा कोई सपना,
हर बिंब में कोई जज़्बात।
कभी चुपचाप बहता आँसू,
कभी खिलखिलाता सौगात।

और कहानी?
वो तो जीवन की लहर है,
कभी तूफान, कभी सवेरा।
पात्रों में ढले हालात,
हर मोड़ पे एक नया फेरा।

कविता मन की भाषा है,
कहानी अनुभव की अभिव्यक्ति।
एक उगता सूरज है विचारों का,
दूसरी चाँदनी-सी अनुभूति।

कविता सुनकर मन मुस्काता,
कहानी पढ़कर सीख मिलती।
एक सुकून है, तो दूसरी आग —
दोनों ही आत्मा को छू जातीं।

जब दोनों साथ चलें हाथों में,
तो बनती है सृजन की शक्ति।
शब्दों की ये जादुई जोड़ी,
बिखेरे साहित्य की भव्य भक्ति।

शारदा कनोरिया, शुभा, प्रसिद्ध कवयित्री, पुणे (महाराष्ट्र)

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