झरने सा प्यार…
यह कविता झरने और समुंदर के रूपक के माध्यम से सच्चे और अधूरे प्रेम के अंतर को बेहद भावनात्मक और सुंदर तरीके से व्यक्त करती है।

यह कविता झरने और समुंदर के रूपक के माध्यम से सच्चे और अधूरे प्रेम के अंतर को बेहद भावनात्मक और सुंदर तरीके से व्यक्त करती है।
यह कविता झरने के माध्यम से सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी बाधाएं आएं, निरंतर बहते रहना ही सफलता और शांति का मार्ग है।
यह कविता प्रेम की उस कोमल अनुभूति को व्यक्त करती है, जहाँ प्रिय का सौंदर्य प्रकृति के हर रूप में झलकता है। कभी वह सूरज की उजास बनकर सामने आता है, तो कभी झरने की मधुर ध्वनि सा मन को स्पर्श करता है।