स्वयंसिद्धा
“स्वयंसिद्धा” एक प्रेरक हिंदी कविता है जो आत्मविश्वास, संघर्ष और मेहनत की शक्ति को दर्शाती है। यह कविता बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि मन में विश्वास और सपनों की रोशनी हो, तो सफलता का सूरज अवश्य उगता है।

“स्वयंसिद्धा” एक प्रेरक हिंदी कविता है जो आत्मविश्वास, संघर्ष और मेहनत की शक्ति को दर्शाती है। यह कविता बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि मन में विश्वास और सपनों की रोशनी हो, तो सफलता का सूरज अवश्य उगता है।
यह प्रेरक महिला दिवस कविता बताती है कि असली सशक्तिकरण बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि विचारों, आत्मविश्वास और संवेदनशीलता में है। जब स्त्री अपनी पहचान खुद तय करने लगे और जीवन को संभावनाओं के विस्तार की तरह जीने लगे, तभी महिला दिवस सार्थक होता है।
महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एन डी स्टूडियो कर्जत में भव्य समारोह आयोजित हुआ, जिसमें ‘विरासत’ पत्रिका का विमोचन और महिला सशक्तिकरण पर चर्चा हुई
स्त्री शक्ति संगठन द्वारा महिला दिवस के अवसर पर ऑनलाइन विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
यह कविता एक ऐसी स्त्री की आवाज़ है जो हर जगह मौजूद होते हुए भी कहीं दर्ज नहीं थी। यह उसकी पहचान, उसकी अनसुनी चीख और उसके जीवित रहने के अधिकार की मार्मिक अभिव्यक्ति है।
स्त्री शक्ति संगठन द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में ‘गुप्त रोग एवं महिलाएं’ विषय पर गंभीर चर्चा की गई। कार्यक्रम में महिलाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर खुलकर संवाद करने का संदेश दिया गया।
संगठन संरचना व कार्यप्रणाली पर हुआ मंथन नई दिल्ली से प्रेरणा बुडाकोटी की रिपोर्ट नई दिल्ली | स्त्री शक्ति संगठन द्वारा 31 जनवरी (शनिवार) को “संगठन संरचना एवं कार्यप्रणाली” विषय पर एक विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन की मुख्य अध्यक्षा ममता शर्मा ने किया। गोष्ठी में विभिन्न आयु वर्ग…
ह कविता क्रिकेट के मैदान में उतरती लड़कियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और सामाजिक रूढ़ियों के टूटने की कथा कहती है। चौके-छक्कों से लेकर इतिहास रचने तक, यह रचना बताती है कि खेल कैसे करोड़ों लड़कियों के भीतर साहस और आकाश छूने की आकांक्षा जगा रहा है।
नागपुर की प्रतिष्ठित कवयित्री मेघा मनोज अग्रवाल को समाजसेवा, हिंदी लेखन और उनकी बहुमुखी प्रतिभा के लिए राज्यस्तरीय नारी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान श्याम बहुउद्देशीय विकास संस्था की ओर से देवरी में आयोजित भव्य समारोह में संस्था के संस्थापक डॉ. घनश्याम निखाड़े द्वारा प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से नागपुर का नाम गौरवान्वित हुआ है।