गुज़ारिश
‘गुज़ारिश’ एक गहन चिंतनशील कविता है, जिसमें स्वप्न में आए एक गुज़रे दौर के बादशाह के माध्यम से अतीत, इतिहास, समय और वर्तमान पर सार्थक संवाद प्रस्तुत किया गया है। कविता यह संदेश देती है कि बीते समय की गलतियों में उलझकर वर्तमान और भविष्य को नहीं खोना चाहिए। कर्म, सकारात्मक सोच और बदलते समय के साथ आगे बढ़ने का संदेश देने वाली यह रचना पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है
