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बदलते मौसम

यह कविता प्रेम में आए भावनात्मक बदलावों और रिश्ते की अनिश्चितताओं को बेहद कोमलता से व्यक्त करती है. प्रिय के बदलते व्यवहार को कवि बदलते मौसम से जोड़ता है. कविता में प्रेम, असुरक्षा, समर्पण और आपसी ज़रूरत की भावना गहराई से उभरती है. अंत में यह विश्वास व्यक्त होता है कि भले ही मौसम बदले, लेकिन सच्चे रिश्ते स्थिर रहते हैं.

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टूटे दिल वाली स्त्री खामोशी से अंधेरे कमरे में बैठी हुई, आंखों में दर्द और विश्वासघात का भाव

मेरा संसार

यह कविता एक ऐसे टूटे हुए मन की आवाज़ है, जिसने अपने पूरे संसार को एक ही व्यक्ति में समेट लिया था. भरोसे, प्रेम और समर्पण के बदले उसे झूठ, छल और दर्द मिला. यह रचना विश्वास के टूटने से उपजे आंतरिक संघर्ष, पीड़ा और आत्मबोध को बेहद मार्मिक शब्दों में अभिव्यक्त करती है

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सच्चा साथी, सच्चा प्रेम

यह भावपूर्ण हिंदी कविता प्रेम, स्नेह और जीवनसाथी के साथ जुड़े भावनात्मक अनुभव को उजागर करती है। इसमें प्यार की गहराई, भरोसा और साथी के साथ जीवन भर निभाए गए रिश्ते की मिठास को सरल और असरदार भाषा में व्यक्त किया गया है।

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कविता और किताब को प्रेम के प्रतीक के रूप में दर्शाता भावनात्मक दृश्य, जिसमें शब्दों के माध्यम से स्नेह और आत्मीयता का एहसास झलकता है

उपहार में शब्द

यह कविता उपहारों से परे शब्दों के स्नेह को महत्व देती है, जहाँ प्रेम फूलों या वस्तुओं में नहीं, बल्कि लिखी और पढ़ी गई कविताओं तथा किताबों के भावनात्मक स्पर्श में बसता है।

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एक भारतीय माँ सुबह के धुंधलके में घर के दरवाज़े पर खड़ी, दूर जाते बेटे को स्नेह और उम्मीद भरी आँखों से देखते हुए.

तुम सपने ज़रूर देखना…

यह कविता सपनों के माध्यम से माँ और संतान के रिश्ते की उस गहराई को छूती है, जहाँ प्रेम स्वार्थ नहीं बल्कि त्याग बन जाता है. महानगर की चकाचौंध के बीच यह रचना याद दिलाती है कि असली ऊर्जा माँ की आँखों में छुपी होती है, और सपनों का सच होना तभी सार्थक है जब उसमें उसकी साँसें बाकी रहें.

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Softly lit close-up of two Indian hands gently reaching toward each other without touching, expressing emotional connection, trust, and respectful intimacy in a calm, warm-toned setting.

स्पर्श : संवेदना का संगीत

कुछ स्पर्श शरीर को नहीं, मन को छूते हैं। वे न वासना जगाते हैं, न भय बस भीतर कहीं भरोसे की लौ जला देते हैं। मर्यादा में बंधे ऐसे स्पर्श रिश्तों को शब्दों से पहले समझा देते हैं और इंसान को इंसान होने का एहसास कराते हैं।

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अनकहे प्रेम का भाव दर्शाता एक शांत दृश्य, जहाँ दो लोग बिना बोले आँखों से गहरा भाव साझा कर रहे हैं, वातावरण में मोगरे की हल्की सुगंध और कोमल शांति व्याप्त है।

तुम्हारा–मेरा प्रेम

उस प्रेम की कथा कहती है जो शब्दों का मोहताज नहीं होता। आँखों की गहराइयों में ठहरा, निःस्वार्थ और समान पीड़ा में बंधा यह प्रेम मोगरे की सुगंध की तरह मन में सहेजा रहता है धीरे-धीरे फैलता हुआ, आज भी अव्यक्त, फिर भी अटूट और अभेद्य।

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संवाद और ख़्याल

आज मन संवाद के लिए तरसता है।
मौन और डिजिटल दुनिया के बीच,
वह तेज़ और धीमी रफ्तार वाला संवाद सिर्फ़ मेरी यादों में बचे हैं। आज मैं अपने पायल की छम-छम और शॉवर की बूंदों में उस मौन जुगलबंदी का अनुभव कर रही हूँ।

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कमरे में अकेली व्यक्ति खिड़की के पास बैठा, धुंधली रोशनी में खुद को देखता हुआ, मन में उदासी और अकेलेपन का भाव। कमरे में शांत वातावरण, हल्की धुंध और बांसुरी की कल्पित धुन महसूस होती है।

एकांत की तलाश

आज मन उदास है। रोशनी चुभती है, सितारे दिखना भी नहीं चाहते। वह अकेलेपन में बांसुरी की धुन में शांत होना चाहता है, जहाँ कोई सुनने वाला नहीं और सिर्फ यादें साथ हों।

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