बरसात, भक्ति और मेला

“बरसात से लबालब भरे गाँव का दृश्य। चारों ओर पानी ही पानी, ताल-तलैया और खेतों में भरे जल के बीच पगडंडी डूबी हुई है। कुछ ग्रामीण घुटनों तक कपड़ा उठाए, हाथ में चप्पल पकड़े सावधानी से रास्ता पार कर रहे हैं। बच्चे किनारे पर खड़े हँसते-खिलखिलाते तालियाँ बजा रहे हैं। दूर खुले-खुले पैतृक घर और हरसिंगार का पेड़ दिख रहा है, जिसकी झरती कलियाँ पूजा के लिए टोकरी में भरी जा रही हैं। पृष्ठभूमि में गाँव का दुर्गा पूजा पंडाल, मिट्टी की प्रतिमा, जलते दीपक और ढाक-वादन से गूँजता भक्तिमय वातावरण दिखाई दे रहा है।”

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रात के शांत वातावरण में अकेली स्त्री, चाँदनी और स्मृतियों में डूबी भावनात्मक अनुभूति का दृश्य।

स्मृति और… तुम!

स्मृति और… तुम!’ प्रेम और अनुपस्थिति के सूक्ष्म भावों को गहरी संवेदना के साथ अभिव्यक्त करती कविता है। स्मृतियों की नमी, इंतज़ार की सीलन और भीगे सन्नाटे के बीच यह रचना बताती है कि प्रेम को अंत तक ढोने के लिए शब्द नहीं, स्मृति चाहिए।

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बेंगलुरु की सड़कों पर “हैप्पी एयर परेड”

बेंगलुरु। 25 जनवरी को बेंगलुरु की सड़कों पर एक अनोखा और दिल को छू लेने वाला दृश्य देखने को मिलेगा। हैप्पी एयर (Happpy AiR) और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से पूरे शहर में “हैप्पी एयर परेड” निकाली जा रही है। यह परेड किसी एक रूट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के व्यस्ततम सार्वजनिक…

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मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट में  जाम

वाहनों की 8 से 10 किलोमीटर लंबी कतारें  लोणावाला: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट में शनिवार तड़के से ही भारी यातायात जाम लगा हुआ था. मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की 8 से 10 किलोमीटर लंबी कतारें लगी थीं. यह जाम लगभग नियंत्रित होने ही वाला था कि शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे एक चलती रेनॉल्ट…

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बरामदे के झूले पर बैठी एक भारतीय महिला बारिश के बीच मोबाइल संदेश पढ़ते हुए मुस्कुराती हुई, अनकहे प्रेम और सुकून भरे रिश्ते का एहसास दर्शाती हुई।

अहसास…

रिद्धिमा और राघव के बीच पनपते विश्वास, अपनापन और अनकहे प्रेम को बेहद संवेदनशीलता से चित्रित किया गया है। यह कहानी बताती है कि कुछ लोग जीवन में प्रेम का दावा लेकर नहीं आते, बल्कि सुकून बनकर हमारे भीतर जगह बना लेते हैं। रिश्तों की मर्यादा, भावनाओं की गहराई और आत्मीय जुड़ाव का सुंदर चित्रण इस कहानी को विशेष बनाता है।

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ठंडी शाम में चाय के साथ पुरानी यादों में खोई महिला, मोबाइल स्क्रीन पर दोस्त से बातचीत

कुछ अनकहे रिश्ते…

कुछ अनकहे रिश्ते” एक मार्मिक कहानी है जो दोस्ती, ममता और विश्वास के उस पवित्र बंधन को दर्शाती है, जिसे नाम की आवश्यकता नहीं होती। यह रचना भावनाओं की गहराई और रिश्तों की सच्चाई को स्पर्श करती है।

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क्या है मानव जीवन?

मानव जीवन एक रहस्यमय विरोधाभास है —
जहाँ देवताओं का श्राप और असुरों का वरदान साथ चलते हैं।नदी बहती है, पर नाव उलटी धारा में संघर्ष करती है।पर्वत-सा हौसला और झरनों-सी भावना साथ जन्म लेते हैं,पर बादलों-सी वेदना और लहरों-सी कामना भी पीछे-पीछे आती हैं।यह यात्रा पगडंडी से शिखर तक,मकड़ियों-से भटकाव से लेकरभस्म में बदल जाने तक जाती है —और फिर भी, मुक्ति के द्वार बंद रहते हैं,अनंत खोज में भटकती आत्मा के लिए।

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मैंने समंदर देखा

गोधूलि बेला में सुनहरी रश्मियों से जगमगाता समंदर, हवा और लहरों के खेल के बीच दो प्रेमियों की पहली निकटता की कहानी। लेखक ने समंदर, लहरों और हवा की प्राकृतिक सुंदरता के साथ पात्रों की नज़रों, झुमके और बेली के गजरे के माध्यम से रोमांच और रोमांस को जीवंत किया है। हर विवरण में वातावरण और संवेदनाएँ इतनी वास्तविक लगती हैं कि पाठक खुद उस समंदर किनारे मौजूद होने का अनुभव करता है। यह कहानी प्रकृति और प्रेम के बीच की नाजुक संतुलन और पहले स्पर्श की ऊष्मा को उजागर करती है।

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वेस्टर्न रेलवे ने हर्षोल्लास से मनाया बांद्रा स्टेशन महोत्सव

पश्चिम रेलवे द्वारा 26 जुलाई 2025 को “बांद्रा स्टेशन महोत्सव” उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर बांद्रा स्टेशन की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष स्मारक कवर के विमोचन से हुई, जिसे पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक प्रदीप कुमार, मुंबई सेंट्रल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज सिंह और डाक सेवा निदेशक काया अरोरा ने जारी किया।

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