तेरे चेहरे का नूर
तेरे चेहरे का नूर नहीं केवल, तेरे होने की रोशनी है। यह कविता उस प्रेम की कहानी है, जिसमें रूप से अधिक रूह और साथ की अहमियत होती है।

तेरे चेहरे का नूर नहीं केवल, तेरे होने की रोशनी है। यह कविता उस प्रेम की कहानी है, जिसमें रूप से अधिक रूह और साथ की अहमियत होती है।
“ख़्वाब बुनती रात” एक संवेदनशील कविता है, जो रात के सन्नाटे में जन्म लेती भावनाओं, सपनों और कल्पनाओं को शब्दों में ढालती है। यह कविता दिल और ज़ेहन के बीच चल रहे अनकहे संवाद को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत करती है।
‘फूड डिवोर्स’ सुनकर भले ही आपको रिश्ते के टूटने का ख्याल आए, लेकिन इसका मतलब बिल्कुल अलग है. यह ऐसा रिलेशनशिप ट्रेंड है जिसमें कपल्स एक साथ रहते हुए भी अपनी पसंद, डाइट और समय के अनुसार अलग-अलग खाना खाते हैं. एक पार्टनर हेल्दी डाइट लेना चाहता है, जबकि दूसरे को पसंद का सामान्य या बाहर का खाना अच्छा लगता है. कई बार खाने का समय भी अलग होता है. ऐसे में हर दिन ‘आज क्या खाएं?’ को लेकर होने वाली बहस से बचने के लिए कपल्स अलग खाना चुनते हैं.
राष्ट्रीय कवि संगम, नवी मुंबई की प्रथम काव्य गोष्ठी 9 अक्टूबर को केंद्रीय विहार, सीवुड्स में आयोजित हुई। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद गांई की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में साहित्यकारों ने काव्य पाठ कर राष्ट्र जागरण में कलमकारों की भूमिका पर जोर दिया।
“बंगलौर की धरती पर मिथिला समाज ने पहली बार संगठित होकर अपनी सांस्कृतिक शक्ति का एहसास कराया। पान, माछ, मखान के स्वाद और धरती से जुड़ने की परंपरा ने यह साबित कर दिया कि अपनी जड़ों से जुड़कर ही पहचान बचती है।”
बीस साल बाद एक ट्रेन के कंपार्टमेंट में हुई ये आकस्मिक मुलाकात जहाँ न शब्द थे, न शिकायते सिर्फ वही पुरानी खुशबू, वही मोहब्बत और दो लोगों के बीच पसरी खामोशी, जो बोलती तो थी… मगर सिर्फ दिलों में
“24 सितंबर 2023 की एक आध्यात्मिक संध्या में, महिदपुर के गंगावाड़ी में संकीर्तन के दौरान भगवान की प्रेरणा से गोवर्धन की दंडवत परिक्रमा का विचार जागा। बिना किसी योजना और साथी के, केवल श्रद्धा और ईश्वर के भरोसे पर यह यात्रा शुरू हुई। मथुरा, यमुना स्नान, मुखारविंद दर्शन और तपस्वियों की प्रेरणा से भरपूर यह अनुभव, तन को थका कर भी आत्मा को जाग्रत कर गया। गिरिराज महाराज की कृपा से यह यात्रा एक भक्ति, साहस और समर्पण की जीवंत कथा बन गई।”