आंख मारने की कला
अनुपम नीता बरडे, प्रसिद्ध व्यंग्यकार, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) मैं उस शख़्स को शाष्टांग दण्डवत करता हूँ जिसने पहले पहल “आँख मारने ” की कला विकसित की ! ज़रा आप ही सोच कर देखिये कि इस छोटे से , सरल से “संकेत” से कितना बड़ा “संदेश” , पलक झपकते ही दूसरी ओर चला जाता है और मैं…
कालू का दर्द
कालू नाम के कुत्ते की यह मार्मिक कहानी समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। एक हवेली के बाहर रहने वाला कालू जब एक मासूम बच्ची के साथ हुई निर्दयता देखता है, तो उसका मन व्यथित हो उठता है। उसकी मां मिल्की के शब्द इंसानों की दुनिया की कठोर सच्चाई को सामने लाते हैं जहां बच्चे भी भेदभाव का शिकार होते हैं। यह कहानी संवेदनाओं को झकझोरने वाली एक गहरी सामाजिक टिप्पणी है।
सबसे बड़ा है कौन
सत्ता ,संगठन और राजनेता राजनीति की मुख्य धुरी हैं। कहा जाता है कि अगर इनमें तालमेल है तो सब कुछ ठीक नजर आता है मगर कभी कभी इनमें वर्चस्व की लड़ाई छिड़ जाती है और फिर यह तयः करना मुश्किल होता है कि इन तीनों में से कौन बड़ा है ,सर्वश्रेष्ठ है या किसकी चलती है या किसकी सुनी जा रही है। देखा जाए तो संगठन ही सबसे बड़ा होता है क्योंकि संगठन ही सबको जोड़कर रखता है और संगठन के नीचे ही सब काम करते हैं और संगठन ही निर्णय करता है कि कौन चुनाव लड़ेगा और जीतकर सत्ता में जायेगा और कौन संगठन में काम करेगा। संगठन ही तयः करता है कि कौन राजा बनेगा और कौन मंत्री । इसलिए संगठन और संगठन का मुखिया ही बड़ा होता है। संगठन से अलग होकर चुनाव लड़ने वाले चारों खाने चित ही दिखाई दिए हैं।
संतोष बड़ा धन
तिरुवल्लुवर तमिलनाडु के एक महान संत, कवि और दार्शनिक थे. दूर-दूर से लोग उनसे मार्गदर्शन लेने आते. एक बार एक व्यक्ति ने उनसे पूछा, गुरुजी, इतने विद्वान होने के बावजूद आप दयनीय हालत में गुजारा करते हैं. आपकी बातों से हमें क्या मिलेगा?तिरुवल्लुवर मुस्कुराए और उस व्यक्ति से पूछा क्या तुम मेरे साथ एक यात्रा…
शिव से हो जाओ तुम..
जो खोना नही चाहते रिश्तों को जहर के घूंट पी के भी, मुस्कुराओ तुम, शिव से हो जाओ तुम.. दो बोल भी मीठे ना मिले किसी रिश्ते में, कोई गम नही, तपती झुलसती बातें भुला के प्यार की बरसात कर जाओ तुम शिव से हो जाओ तुम…. बड़े भी चाहे तुम्हें, बच्चे भी बतियाये, तुमसे…
रातभर टुकुर-टुकुर ताकते रहते हैं छत, फिर भी नहीं आती नींद; तो ट्राई करें 4-7-8 ब्रीदिंग टेक्निक
। आज कल लोगों की लाइफस्टाइल काफी बिगड़ गई है। इस कारण लोग कई सारी बीमारियाें का शिकार होते जा रहे हैं। मोटापा, डायबिटीज, दिल की बीमारी तो आम है। इसका असर हमारे मेंटल हेल्थ पर भी देखने को मिलता है। इस कारण लोगों में नींद न आने की समस्या भी देखने को मिलती है। ऐसे…
पुणे की मंडली आज भी कर रही इंतजार अकोला में बैठे हैं अपने ‘डॉन’ महेश शुक्ला
आप मुझे ढूंढ रहे हो और मैं आपका यहां इंतजार कर रहा हूं..ये दोनों डायलॉग अमिताभ बच्चन की फिल्मों में एक में उनका इंतजार हो रहा है दूसरे में वो किसी का इंतजार कर रहे हैं. एकदम कंट्रास्ट. एक दम उलट. वैसे ही हमारे अग्रज, हमारे सहयोगी, हमारे आशीर्वाद दाता महेश शुक्ला भी एकदम कंट्रास्ट है. वे जैसे हैं वैसे दिखते नहीं… जैसे दिखते हैं वैसे हैं नहीं. 60 की उम्र के बाद भी (असली उम्र नहीं बताउंगा) यदि किसी ने उनके प्रति इस बात के लिए सहानुभूति जताई कि वे बुजुर्ग हैं तो भले ही आपको मुंह पर कुछ नहीं कहे लेकिन मन में जरुर कहेंगे बुड्ढा होगा तेरा बाप… क्योंकि इस उम्र में भीशख्सियत हेलमेट लगाकर जब केटीएम जैसी स्पोर्टस बाइक चलाते हैं तो अच्छे-अच्छे युवाओं को पीछे छोड़ देते हैं.
अजीर्जुरहमान : गिफ्ट ऑफ गॉड
अजीर्जुरहमान उर्फ भाईजान के साथ 25 साल पुरानी दोस्ती की यह कहानी सिर्फ यादों का सिलसिला नहीं, बल्कि सच्चे रिश्ते, बेबाक स्वभाव और जीवन के संघर्षों की झलक है। पत्रकारिता, गांव की राजनीति और जिंदगी के उतार-चढ़ाव के बीच भी यह दोस्ती हमेशा मजबूत बनी रही। ❤️
गर्मियों में प्यासे परिंदों के लिए एक संजीवनी प्रयास
जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे न केवल इंसान, बल्कि बेजुबान पक्षी भी पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. ऐसे समय में कुछ समाज सेवकों द्वारा किया गया यह छोटा सा लेकिन अत्यंत संवेदनशील कार्य न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि मानवता की एक सुंदर मिसाल भी है.
