जो खोना नही चाहते रिश्तों को
जहर के घूंट पी के भी, मुस्कुराओ तुम,
शिव से हो जाओ तुम..
दो बोल भी मीठे ना मिले
किसी रिश्ते में, कोई गम नही,
तपती झुलसती बातें भुला के
प्यार की बरसात कर जाओ तुम
शिव से हो जाओ तुम….
बड़े भी चाहे तुम्हें, बच्चे भी बतियाये,
तुमसे जो मिले कोई,
चांद सी शितलता से भर जाए
किसी की सेवा कर पाओ,
तो खुद पे उपकार मानो तुम
शिव से हो जाओ तुम..
क्यूं कड़वे बोलों का खज़ना रखते
फिर ही रोज यूं लगे कांटों पे सोते
छोड़ो सारे शिकवे गिले
जख्म को नासूर न बनाओ तुम,
शिव से हो जाओ तुम..
कभी दिया गर अपनों को कुछ
तो न रखो हिसाब क़िताब,
सूरज चांद ने भी कब जताया
तुम पे कोई अहसान,
भर दो झोली सबकी खुशियों से
चाहे खाली रह जाओ तुम
शिव से हो जाओ तुम..

डॉ नीरु जैन

अति सुन्दर