खाली हाथ जाना है…
यह कविता आधुनिक जीवन की भागदौड़, दौलत की अंधी दौड़ और सुकून से दूर होते इंसान की विडंबना को उजागर करती है। “मेरी-मेरी” में उलझे मनुष्य की मानसिकता और खोते मानवीय संबंधों पर यह एक गहरी, आत्ममंथन कराती हुई टिप्पणी है।

यह कविता आधुनिक जीवन की भागदौड़, दौलत की अंधी दौड़ और सुकून से दूर होते इंसान की विडंबना को उजागर करती है। “मेरी-मेरी” में उलझे मनुष्य की मानसिकता और खोते मानवीय संबंधों पर यह एक गहरी, आत्ममंथन कराती हुई टिप्पणी है।
इंदौर रेलवे के पीआरओ खेमराज मीना का अहमदाबाद तबादला हो गया है, जबकि रतलाम से पदोन्नत होकर मुकेश कुमार ने इंदौर में जनसंपर्क की कमान संभाली। विदाई समारोह में मीडिया–प्रशासन के सौहार्दपूर्ण संबंधों पर जोर दिया गया।
17 घंटे से बोरवेल में फंसा दो साल का मासूम भागीरथ जिंदगी की जंग लड़ रहा है, जबकि बाहर उसकी मां की आंखें बेटे की एक आवाज के इंतजार में टिकी हैं. उज्जैन के बडनगर में चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है और हर कोई उसकी सलामती की दुआ कर रहा है.
यह ओजपूर्ण कविता नारी के विविध स्वरूपों—ममता, शक्ति, त्याग, भक्ति और साहस—का भावपूर्ण चित्रण करती है। गार्गी, सावित्री, लक्ष्मीबाई, मीरा और दुर्गा जैसी महान नारियों के माध्यम से स्त्री के अद्भुत अस्तित्व और उसकी अनंत ऊर्जा को दर्शाया गया है।
बयालीस साल बाद हुई यह मुलाकात सिर्फ दो पुराने साथियों के मिलने भर की नहीं थी, बल्कि उन दिनों की धड़कनों को फिर से जी लेने जैसा अनुभव थी। इंदौर की गलियों में साइकिल से खबरों की तलाश में दौड़ते हुए बिताए गए वे दिन यादों की परतों से झाँकने लगे — अनंत चतुर्दशी की रातें, दंगों के बीच रिपोर्टिंग की बेचैनी, और श्मशानघाटों से जुटाई गई खबरों की जिम्मेदारी।
रतलाम के घर में बैठे हुए, चाय की प्यालियों के बीच समय जैसे ठहर गया था। हम दोनों बीच-बीच में ठहाके लगाते, कभी पुराने नामों को याद करते और कभी आज की पत्रकारिता पर अफसोस जताते। प्रदीप जब अपनी खबरों के डिजिटलाईजेशन की बात कर रहे थे, तो मन में एक अजीब कसक उठी — कुछ चीज़ें वक्त के साथ सँभाल लेनी चाहिए थीं।
रविवार तड़के Chennai International Airport पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब शारजाह से आई Air Arabia की फ्लाइट में सवार एक यात्री ने इमरजेंसी एग्जिट गेट खोलकर नीचे छलांग लगा दी। उस समय विमान रनवे से हटकर टैक्सीवे पर धीमी गति से आगे बढ़ रहा था।
भारत में ट्रैवल का नया ट्रेंड तेजी से उभर रहा है, जहां जेन-ज़ी महिलाएं सोलो बस यात्राओं के जरिए स्वतंत्रता और नए अनुभवों की ओर कदम बढ़ा रही हैं. हाल ही की एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 के बाद भारत में महिलाओं की इंटरसिटी बस यात्राओं में 136 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. खास बात यह है कि इस बदलाव में छोटे शहरों की युवतियां भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं, जो पढ़ाई, काम और घूमने के लिए आत्मविश्वास के साथ यात्रा कर रही हैं
युवा दिल बहुत नाज़ुक होता है. छोटी-सी बात भी उसे खुशी से भर सकती है और उतनी ही जल्दी आहत भी कर सकती है. अक्सर आकर्षण को ही प्रेम समझ लिया जाता है, क्योंकि किसी की मुस्कान, बात करने का अंदाज़ या स्टाइल दिल को छू जाता है. लेकिन सच्चा प्रेम इससे कहीं आगे होता है. वह व्यक्ति के विचारों, उसके व्यवहार और उसके साथ बिताए गए सच्चे पलों से धीरे-धीरे गहराता है.