जीत का एहसास

जीत का एहसास – संघर्ष और आत्मविश्वास पर आधारित प्रेरक हिंदी कविता जीत वो एहसास है जो संघर्ष के बाद दिल में जन्म लेता है।

डॉ. कृष्णा जोशी, प्रसिद्ध कवयित्री, गुजराती कॉलेज, इंदौर

जीत वो नहीं जो बस हाथ में आ जाए,
जीत वो है जो मन को चैन दे जाए।

पसीने की बूँदें जब धरती को चूमती हैं,
तब हार के आँसू भी मुस्कान में घुलते हैं।

राह में काँटे बिछे हों कितने फिर भी,
पैर अगर थम न जाएँ तो जीत निश्चित है।

अँधेरा कितना भी गहरा क्यों न हो, प्यारे,
एक छोटा-सा दिया जहाँ को रौशन कर देता है।

हार कहती है , बस अब और नहीं, बहुत हुआ,
जीत चुपके से कहती है , कुछ और कर लें।

जो गिरकर उठा वही असली योद्धा है,
जो हारा नहीं वही सच्चा सिपाही है।

सपनों के पीछे भागने की हिम्मत ही
जीत की पहली सीढ़ी है।

दुनिया हँसे, ताने मारे, ठुकराए कुछ भी करे,
फिर भी जो आगे बढ़ता रहा वही जीतता है।

जीत कोई मंज़िल नहीं, एक एहसास है,
जो हृदय में बसता है वही विश्वास है।

तो चल, एक बार फिर कोशिश कर ले,
जीत तेरी ही होगी बस दिल ठहरा ले।

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