बिना पोज, बिना प्रमोशन, सिर्फ प्यार

नया साल, चमकती रोशनी, जश्न में डूबा न्यूयॉर्क और उसी भीड़ में एक ऐसा पल जो किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था. रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण का न्यू ईयर सेलिब्रेशन अब सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि सोशल मीडिया की सबसे चर्चित लव स्टोरी बन चुका है.

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यादों की बारिश

बीता हुआ अतीत अक्सर हमारे नयनों के सामने पल भर में जीवित हो जाता है, भूले-बिसरे गीत और बचपन की यादें याद दिलाते हैं। प्रेम, स्मृतियाँ और खोए सपने हमें बार-बार छूते हैं, चाहे हम कितनी भी ताकत जुटाएँ। कुछ यादें इतनी गहरी होती हैं कि उन्हें भुलाया नहीं जा सकता . वे हमेशा हमारे मन और दिल में जीवित रहती हैं।

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बड़की

संयुक्त परिवार की रसोई सिर्फ़ खाना पकाने की जगह नहीं होती, वहाँ रिश्तों की आँच भी सुलगती है।
सुनीता को आज समझ आया कि कमाना ही पर्याप्त नहीं, घर के कामों में हाथ बँटाना भी उतना ही ज़रूरी है। बड़ी भाभी ललिता की चुप्पी में शिकायत नहीं, थकान छिपी थी उस जिम्मेदारी की जो उन्होंने बरसों से बिना शोर उठाई थी। कभी-कभी रिश्तों में तकरार इसलिए नहीं होती कि कोई गलत है, बल्कि इसलिए कि कोई दूसरे की थकान देख नहीं पाता।

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कल्पना

“परिस्थितियाँ कर्माधीन होती हैं, पर खुशियाँ इंसान के साहस और स्वीकार भाव से जन्म लेती हैं। होली के रंगों ने कल्पना की सूनी ज़िंदगी में फिर से प्रेम और उम्मीद के रंग भर दिए।”

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अकेली महिला की उदास अभिव्यक्ति – हिज्र और दर्द को दर्शाती हिंदी ग़ज़ल इमेज

हिज्र, सब्र और बदलते रिश्ते

यह ग़ज़ल सिर्फ मोहब्बत की कहानी नहीं, बल्कि खुद से मिलने का एक सफर है। इसमें हिज्र का दर्द है, सब्र की तपिश है और बदलते रिश्तों की कड़वी सच्चाई भी।

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मेरी माँ 

मेरी माँ घर से बाहर तो जाती हैं, लेकिन घर को घर पर छोड़ नहीं पातीं। उनकी गृहस्थी उनकी परछाई की तरह हमेशा उनके साथ रहती है। रसोई उनके लिए वह जगह है, जहाँ बच्चे जैसी मासूमियत और स्नेह बसता है। लोग कह सकते हैं कि वह सिर्फ एक गृहिणी हैं, पर मेरी माँ केवल गृहिणी नहीं, मेरी जीवनी हैं।
उन्होंने मुझे इतिहास, भूगोल और गणित की बारीकियाँ, साहस, सहिष्णुता और समग्र दृष्टि दी। लगभग सभी विषयों का ज्ञान और जागरूकता उन्होंने मुझे प्रदान की। इस पूरी प्रक्रिया में मेरे पिता भी मेरे और माँ के विकास में साथ रहे।

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पटना से ब्रिटेन तक: 200 साल पहले एक भारतीय ने दुनिया को दिया ‘शैम्पू’ शब्द

200 साल पहले एक भारतीय ने दुनिया को दिया ‘शैम्पू’ शब्द

आज बाथरूम में रखी शैम्पू की बोतल एक आम चीज़ है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस शब्द और इसकी शुरुआत के पीछे एक भारतीय का हाथ है? 19वीं सदी में पटना के रहने वाले साके डीन महोमद ने न सिर्फ ब्रिटेन में भारतीय मसाज थेरेपी को लोकप्रिय बनाया, बल्कि अंग्रेजी भाषा को ‘शैम्पू’ जैसा शब्द भी दिया।

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बीड़-अमलनेर नई रेल लाइन का लोकार्पण

 महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री  देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री तथा बीड़ के पालकमंत्री  अजित पवार ने आज बीड़ जिले को बड़ी सौगात देते हुए अमलनेर (बी) – बीड़ नई रेल लाइन का लोकार्पण किया तथा बीड़ से अहिल्यानगर के लिए उद्घाटन विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर  पर्यावरण एवं जलवायु परवर्तन तथा पशुसंवर्धन मंत्री श्रीमती पंकजा मुंडे, राज्यसभा सांसद   राजनी पाटिल  लोकसभा सांसद  बजरंग सोनवणे, केंद्रीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे। यह समारोह बीड़ रेलवे स्टेशन पर भव्य रूप से संपन्न हुआ।

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कठपुतलियों के माध्यम से प्रेम और एहसासों को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कहानी का दृश्य

धागों से परे

कुछ रिश्ते डोरियों से नहीं, आत्मा के एहसासों से बंधे होते हैं। “धागों से परे” एक ऐसी मार्मिक कहानी है, जिसमें कठपुतलियाँ प्रेम, बिछड़न और मुक्ति का प्रतीक बन जाती हैं।

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सबके हृदय को भाया सावन

सावन का महीना आते ही प्रकृति खिल उठी है। बादल रिमझिम बरस रहे हैं और मोर अपने पंख फैलाकर नाच रहे हैं। बिजली की चमक आकाश को दमका देती है। बच्चे हर्षित हैं, क्योंकि सावन का मौसम लौट आया है। घर-घर में पूड़ी, कचौड़ी और पकोड़ी बन रही हैं, चटनी के साथ इनका स्वाद और बढ़ जाता है। झरनों पर सैर-सपाटा करने का आनंद है और सब मिलकर झूमते-नाचते हैं।
खेतों में फसलें लहराकर हरियाली फैला रही हैं, फूलों की बहार मन को मोह लेती है। नीम और बरगद पर झूले पड़ गए हैं, जिन पर बच्चे और बड़े सभी झूलते हुए खुशी से भर उठते हैं। मिट्टी की भीनी-भीनी महक और पक्षियों की मधुर चहचहाहट वातावरण को और सुहाना बना देती है। प्रकृति का यह रूप सचमुच मनभावन है और हर दिल को भा जाता है।

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