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BMW Motorrad India 1 जनवरी 2026 से कीमतों में करेगी 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

BMW Motorrad India- 1 जनवरी 2026 से कीमतों में करेगी 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

BMW Motorrad India ने 1 जनवरी 2026 से अपने पूरे उत्पाद रेंज की कीमतों में अधिकतम 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की घोषणा की है. BMW Group India के प्रेसिडेंट और सीईओ हरदीप सिंह बराड़ ने कहा कि भारतीय रुपये के अमेरिकी डॉलर और यूरो के मुकाबले तेज़ मूल्यह्रास के कारण विदेशी मुद्रा का दबाव पिछले कई महीनों से बना हुआ है. इसके साथ ही कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की लागत भी प्रभावित हुई है. प्रस्तावित मूल्य वृद्धि से कंपनी और डीलर भागीदारों के लिए आवश्यक लाभप्रदता सुनिश्चित करने और निरंतर मूल्य सृजन में मदद मिलेगी.

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सबसे सस्ती है आम आदमी की जान

अपने यहाँ सबसे सस्ती चीज नमक मानी गई है। पर रुकिए, सबसे सस्ती चीज नमक नहीं है, बल्कि अपने यहाँ सबसे सस्ती चीज है आम आदमी की जान।
असल में आम आदमी कहीं भी, कैसे भी मर सकता है; मार दिया जाता है या व्यवस्था की लापरवाही उसे मार डालती है और अगले दिन सब भुला दिया जाता है। आम आदमी की जान इतनी सस्ती है कि रहनुमाओं को कोई फर्क ही नहीं पड़ता।

मंदिरों में पर्वों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और अफरातफरी से, रेल दुर्घटनाओं से, पुल गिर जाने से, बनती इमारत ढह जाने से, स्टेडियम में दर्शकों की भीड़ में मारामारी से, रेलवे स्टेशन पर कुचलने से, मेलों-ठेलों में दबने से, घंटों जाम लगने से आम आदमी की जान चली जाती है। आम आदमी की जान, जान नहीं बल्कि मामूली सी चीज है। टेंशन क्या लेना, रोज ही तो मरते हैं।

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गठरी…

उसने आवाज दी, और मैं चल पड़ी—अपनी भावनाओं की गठरी उठाए हुए। पास पहुंचने पर जाना कि उसके मन की हर गली कितनी सँकरी है, हर कोना कितना सीमित। उन सँकरी गलियों में चलते-चलते मैं खुद भी सिकुड़ गई। चारों ओर अँधेरा था, और मैं उसी अँधेरे में भटकती हुई आखिरकार उसके पास पहुँची। वह वहाँ था. खुश, बेफिक्र और अपने आप में मशगूल। न उसे मेरा इंतज़ार था, न मेरी कोई ज़रूरत। तब एहसास हुआ जहाँ ज़रूरत नहीं, वहाँ ठहरना नहीं चाहिए। मगर लौटने का रास्ता तो मैं भूल चुकी थी। अब वही सवाल मन में गूंजता है मैं क्या करूँ? इस भावनाओं की गठरी का बोझ कैसे उठाऊँ?

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एक शरारत हमेशा के लिए ख़ामोश हो गई | मित्र गिरधारी अरोरा को श्रद्धांजलि

एक शरारत हमेशा के लिए ख़ामोश हो गई

कभी क्रिकेट के मैदान में अपनी स्पिन गेंदों से दोस्तों को छेड़ने वाला, तो कभी अपनी हँसी और शरारतों से हर महफ़िल को जीवंत बना देने वाला गिरधारी अरोरा अब सिर्फ़ यादों में बस गया है। कॉलेज के दिनों की दोस्ती, जनता एक्सप्रेस के सफ़र, महिदपुर रोड की गलियाँ और अनगिनत शरारतें आज भी दिल में ज़िंदा हैं। यह संस्मरण एक ऐसे दोस्त को श्रद्धांजलि है, जिसके जाने से यादों का एक पूरा दौर हमेशा के लिए ख़ामोश हो गया।

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साहित्यिक चमत्कार

हित्य में अब चमत्कारों की कोई कमी नहीं रही। कुछ लेखक तो इतने पारंगत हो गए हैं कि बीस कहानियों को छह अलग-अलग पुस्तकों में बाँटकर छाप देते हैं—हर पुस्तक में पाँच कहानियाँ कॉमन! और जब यह भी कम पड़ता है तो बालकथा और कविता की पतली-पतली किताबें छपवाकर अपने खाते में पुस्तकों की संख्या बढ़ा लेते हैं।पाठक भी भाग्यशाली होते हैं—उन्हें एक ही कहानी पाँच–छह बार, अलग-अलग शीर्षकों से पढ़ने का अवसर मिलता है।

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तन भादों, मन सावन

कविता में भावनाओं का सुंदर चित्रण है। यह उन अनुभवों और एहसासों की गहनता को व्यक्त करती है जो प्रेम और मिलन से उत्पन्न होते हैं। कवि अपने प्रिय के नेह में भीगकर अपने तन और मन में सावन का अहसास महसूस करता है। उसकी नजरों में प्रिय का रूप पनीला और मोहक प्रतीत होता है, और हर अंग में प्रेम की ज्वाला फैल जाती है। हवाओं के बहने से तन और मन बहक उठते हैं, और मिलन और बिछड़ने के पल झूलों की तरह आते-जाते हैं। हवाओं के माध्यम से प्रिय के शरीर की अनुभूति से सागर का सौंदर्य और जलमयता मन में उतर जाती है। जब से प्रिय उसके जीवन में आए हैं, उसका तन और मन उनके प्यार का घर और आँगन बन गया है। उसके अंतरतम में प्रिय के बसने से तन मंदिर और मन पावन हो गया है। यह कविता प्रेम के गहन अनुभव, मिलन की तृष्णा और भावनाओं की पवित्रता को उजागर करती है

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परीक्षा केंद्र के बाहर प्रवेश पत्र और किताबें हाथ में लिए शांतिपूर्वक बैठे भारतीय विद्यार्थी, जिनके चेहरों पर टूटे सपनों, संघर्ष, निराशा और न्याय की उम्मीद साफ़ दिखाई दे रही है। यह दृश्य पेपर लीक से प्रभावित युवाओं की पीड़ा और बेहतर भविष्य की उनकी आशा का प्रतीक है।

सपनों का टूटना

‘सपनों का टूटना’ एक मार्मिक सामाजिक कविता है, जो पेपर लीक, युवाओं के संघर्ष, बेरोजगारी, अन्याय और टूटती उम्मीदों की दर्दनाक सच्चाई को उजागर करती है। कविता उन लाखों विद्यार्थियों की पीड़ा को स्वर देती है, जिनकी वर्षों की मेहनत भ्रष्ट व्यवस्था के कारण प्रभावित होती है। यह रचना केवल आक्रोश नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर आवाज़ उठाने और बदलाव की उम्मीद का भी संदेश देती है।

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ट्रैफिक सिग्नल पर कार में बैठी उदास मृणालिनी और पास की कार में उसे देखते डॉक्टर मृगांक का भावनात्मक दृश्य।

मृणालिनी

“कभी-कभी जिंदगी में मिलने वाले लोग प्रेम नहीं, आईना बनकर आते हैं…
पति की बेवफाई और भीतर के अकेलेपन से टूट चुकी मृणालिनी की जिंदगी एक ट्रैफिक सिग्नल पर बदलने लगती है, जहां उसकी मुलाकात डॉक्टर मृगांक से होती है। एक अनकहा भावनात्मक रिश्ता जन्म लेता है जिसमें आकर्षण है, अपनापन है, लेकिन मर्यादा भी है। यह कहानी प्रेम, आत्मसम्मान और घर टूटने व बचने के बीच की नाजुक रेखा को छूती है।”

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माँ दुर्गा के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हुई भक्त, दिव्य और शांत वातावरण

मेरी माँ है तू ,तेरी बेटी रहूँगी

मेरी माँ है तू” एक अत्यंत भावपूर्ण भक्ति कविता है, जिसमें एक भक्त का अपनी माँ दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास, प्रेम और समर्पण झलकता है। इस कविता में कवयित्री ने स्वयं को माँ की बेटी के रूप में प्रस्तुत करते हुए जीवन भर उनकी शरण में रहने की भावना व्यक्त की है।

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सकारात्मक सोच और आत्मचिंतन को दर्शाता प्रेरणादायक हिंदी लेख

परिस्थितियों को दोष देना छोड़ दें…!

परिस्थितियाँ हमारे जीवन की दिशा तय नहीं करतीं, बल्कि हमारी सोच उन्हें अर्थ देती है। एक ही स्थिति में कोई टूट जाता है और कोई निखर जाता है अंतर केवल मानसिकता का होता है। जब मन में विश्वास होता है, तब कठिन रास्ते भी सहज हो जाते हैं। जीवन को बदलने के लिए पहले दृष्टिकोण को बदलना आवश्यक है।

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