लिखो…

सफेद पन्नों पर रंगीन कलम से लिखता हुआ व्यक्ति, खिड़की से आती हल्की धूप और प्रेरणादायक माहौल

गुंजन, प्रसिद्ध लेखिका एवं मोटिवेशनल स्पीकर, पुणे

लिखो कुछ तो लिखो।
जो दिल में आए, वो लिखो।
अच्छा या बुरा जीवन का अनुभव लिखो।
अल्फाज़ों में अपने जज़्बात लिखो।
क्योंकि लिखने से सुकून मिलता है,
दर्द में राहत मिलती है,
ज़ख्मों को मरहम मिलता है।

लिखो! अपने होने का एहसास लिखो,
क्योंकि लिखने से हौसलों को उड़ान मिलती है,
सपनों, Goals को पहचान मिलती है।

लिखो अपनी कहानी को बड़ी खूबसूरती से लिखो,
हर रंग को सहजता से लिखो।
हर मोड़ पर अपना सच लिखो,
क्योंकि तुम ही अपनी ज़िंदगी के रचनाकार हो,
Creator हो।

लिखो! क्योंकि लिखने से इतिहास बनता है,
तुम इस इतिहास के रचयिता बन सकते हो।

लिखो इन सफेद पन्नों पर, रंगीन कलम से लिखो।
एक खूबसूरत सा ख्वाब लिखो, जो सिर्फ तुम्हारा हो,
तुम्हारी पहचान बन सके।

लिखो कुछ ऐसा, जो किसी का ख्वाब हो,
तुम्हारे पास हो,
और तुम उसके लिए आभारी हो।

लिखो! क्योंकि लिखे बिना तुम्हारी ये कहानी अधूरी रह जाएगी,
और तुम्हारे जाने के बाद फिर कभी नहीं दोहराई जाएगी।

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