मेरा श्रृंगार

यह कविता उस प्रेम की है जहाँ साथी केवल जीवन का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन का श्रृंगार बन जाता है। मेंहदी की खुशबू, चूड़ियों की खनक और पायल की रुनझुन सब उसी के स्पर्श से अर्थ पाते हैं। सुख–दुख में साथ निभाने वाले प्रेम के उस रूप को यह पंक्तियाँ समर्पित हैं, जो मोह-माया से परे होकर भी दिल पर अपना गहरा रंग छोड़ जाता है. जैसे आत्मा का श्रृंगार।

Read More

मन से मंच तक : कवयित्रियों के संगम से महका साहित्य जगत

महिला काव्य मंच का अष्टम अंतरराष्ट्रीय वार्षिकोत्सव, मुंबई में 21 दिसंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। देश-विदेश की 25 इकाइयों की कवयित्रियों और साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पुस्तकों का लोकार्पण, ‘मकाम’ ध्येय गीत की प्रस्तुति और 50 से अधिक कवयित्रियों का काव्य पाठ शामिल था। महाराष्ट्र इकाई को सर्वोत्तम प्रदेश इकाई सम्मान 2024 से नवाजा गया।

Read More
गर्मियों में ताजे फल खाते हुए खुश बच्चे और हेल्दी डाइट का दृश्य

हाइड्रेशन से इम्यूनिटी तक, सही फलों से रखें बच्चों को फिट

गर्मियों में बच्चों की सेहत बनाए रखने के लिए सही फलों का चयन बेहद जरूरी है. तरबूज, आम, केला और संतरा जैसे फल न केवल हाइड्रेशन देते हैं बल्कि इम्यूनिटी और एनर्जी भी बढ़ाते हैं.

Read More

शब्दों से सुकून

लिखना केवल शब्दों का खेल नहीं, बल्कि आत्मा का संवाद है। लिखिए क्योंकि शब्द सुकून देते हैं, सपनों को पहचान देते हैं और आपको आपकी कहानी का रचनाकार बनाते हैं।

Read More
मोबाइल पर डिजिटल जनगणना फॉर्म भरता हुआ व्यक्ति

घर बैठे जनगणना: अब मोबाइल से भरें फॉर्म

भारत में पहली डिजिटल जनगणना के तहत नागरिक 16 से 30 अप्रैल तक घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म सबमिट करने के बाद उन्हें SE-ID मिलेगी, जिससे डेटा का सत्यापन किया जाएगा।

Read More

जब स्त्री प्रेम करती है….

वो सीता की तरह अग्नि परीक्षा देती है, उर्मिला की तरह प्रतीक्षा करती है, राधा की तरह वियोग को स्वीकारती है, और मीरा की तरह प्रेम में ज़हर भी अमृत मान लेती है। स्त्री का प्रेम त्याग है, मौन की पुकार है, और एक सम्पूर्ण सृष्टि है — जिसे समझने के लिए साधक बनना पड़ता है।

Read More

मिलना उसे जो ढूंढने आएगा

एक अधूरी-सी दोस्ती, अनकहे जज़्बात और अचानक हुई गुमशुदगी…खोजते-खोजते वह वहीं पहुँचा जहाँ कभी उसने कहा था “याद आऊँ तो रेवा के तट पर आ जाना।” ढलते सूरज, ठंडी हवा और आधी शॉल में समा जाने वाली इस मुलाक़ात में प्रेम ने चुपचाप अपनी जगह फिर से पा ली।

Read More

प्रेम की राह पर सरकारी ब्रेक

गुजरात सरकार प्रेम विवाह और घर से भागकर शादी करने वाले जोड़ों के लिए विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को और सख्त करने की तैयारी में है. प्रस्तावित नियमों के तहत अब ऐसे विवाहों का पंजीकरण क्लास-2 अधिकारी की मंजूरी से ही हो सकेगा, जबकि अब तक यह प्रक्रिया क्लास-3 अधिकारी यानी तलाटी के स्तर पर पूरी हो जाती थी.

Read More

रामायण गाथा : धर्म की विजय

यह पद्यांश रामायण की मुख्य घटनाओं का संक्षिप्त और भावपूर्ण चित्रण करता है। इसमें वर्णन है कि दशरथ के प्रिय पुत्र श्रीराम ने पिताजी की आज्ञा का पालन करते हुए राजपाट त्यागकर सीता और लक्ष्मण के साथ वनगमन किया। स्वर्ण मृग की माया से सीता का हरण रावण ने साधु का वेश धरकर किया, जिसके बाद श्रीराम और लक्ष्मण व्याकुल होकर वन-वन सीता की खोज में निकले।

मार्ग में घायल जटायू मिले, जिन्होंने अपने प्राण त्यागकर सीता हरण का समाचार दिया। आगे चलकर श्रीराम को हनुमान, सुग्रीव और वानर सेना का सहयोग मिला। हनुमान ने सीता को खोजकर उनकी निशानी अंगूठी पहुँचाई और लंका दहन किया। नल-नील की सहायता से समुद्र पर सेतु का निर्माण कर श्रीराम की सेना लंका पहुँची। वहाँ भीषण युद्ध हुआ, जिसमें रावण का वध कर धर्म की विजय स्थापित की गई। अंततः देवताओं और ऋषियों ने प्रभु राम का गुणगान किया और उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में वंदित किया।

Read More
वृद्धाश्रम की बेंच पर अकेली बैठी एक बुजुर्ग महिला, हाथ में माला, चेहरे पर उदासी और आंखों में गहरी सोच, शांत और भावुक वातावरण।

बुढ़ापे की व्यथा

“बुढ़ापे की व्यथा” एक मार्मिक कविता है जो वृद्धाश्रम में बैठे माता-पिता की पीड़ा, उपेक्षा और टूटते पारिवारिक मूल्यों की करुण सच्चाई को उजागर करती है। यह रचना समाज को आईना दिखाती है और संतान को अपने कर्तव्यों की याद दिलाती है।

Read More