Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
एक भारतीय बेटी आत्मविश्वास के साथ खड़ी है, जो “पराया धन” जैसी सामाजिक सोच से परे स्वतंत्र पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

बेटियाँ पराया धन नहीं

“पराया धन” केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि वह सामाजिक सोच है जो बेटियों को अपने ही घर में अस्थायी महसूस कराती है। यह लेख स्त्री की स्वतंत्र चेतना, आत्मसम्मान और भावनात्मक सबलता की आवश्यकता पर गंभीर प्रश्न उठाता है और समाज से आग्रह करता है कि बेटियों को संपत्ति नहीं, स्वतंत्र व्यक्तित्व की तरह देखना सीखे।

Read More

ख़्वाहिशों के न फिर महल होंगे

मधु झुनझुनवाला ‘अमृता‘ प्रसिद्ध साहित्यकार, जयपुर (राजस्थान) मुंतज़िर थे हमीं न कल होंगे ।ये लम्हे क्या कभी अज़ल होंगे । फ़िक्र अब है कहाँ मुहब्बत में,ज़ीस्त में क्यों सनम दख़ल होंगे । दिल बुझेंगे कभी जो फुर्कत में,ख़्वाहिशों के न फिर महल होंगे । बाद मेरे इन्हीं निगाहों में ,अश्क़ में तर हसीं कँवल होंगे…

Read More
स्वयंसिद्धा प्रेरक हिंदी कविता जो संघर्ष और सफलता की कहानी बताती है

स्वयंसिद्धा

“स्वयंसिद्धा” एक प्रेरक हिंदी कविता है जो आत्मविश्वास, संघर्ष और मेहनत की शक्ति को दर्शाती है। यह कविता बताती है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि मन में विश्वास और सपनों की रोशनी हो, तो सफलता का सूरज अवश्य उगता है।

Read More

“देह, निर्णय और दरारें”

पितृसत्ता केवल सामाजिक ढांचा नहीं, बल्कि एक गहराई से जड़ें जमाई मानसिक संरचना है जो पुरुष को सत्ता और स्त्री को ‘अन्य’ मानकर उसके श्रम, निर्णय और देह पर नियंत्रण स्थापित करती है। यह लेख पितृसत्ता की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, मनोवैज्ञानिक और आधुनिक सामाजिक परतों को खोलते हुए यह सवाल उठाता है कि आखिर हम ‘मनुष्य’ से ‘स्त्री’ और ‘पुरुष’ में कब और कैसे बंट गए?

Read More
महिदपुर में भीषण सड़क हादसा. तेज रफ्तार कार की टक्कर से ट्रैक्टर तीन टुकड़ों में टूटा, चालक गंभीर.

कार की टक्कर से ट्रैक्टर चकनाचूर

महिदपुर के काजीखेड़ी डैम के पास तेज रफ्तार कार ने ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मारी. हादसे में ट्रैक्टर चालक गंभीर घायल, उज्जैन रेफर. आरोपी चालक फरार, पुलिस तलाश में जुटी.

Read More
Traditional Indian family scene showing elders blessing children, a cow in the courtyard, books and scriptures on wooden shelves, colorful decorations, and family members in traditional attire performing cultural rituals, representing the richness of Indian culture and heritage.

भारतीय संस्कृति और सभ्यता का बढ़ता संहार

यह लेख भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की महत्ता को उजागर करता है और आधुनिक युग में इसके ह्रास और सामाजिक बदलावों का चिंतन प्रस्तुत करता है। पारंपरिक रीति-रिवाजों, आदर्श जीवन शैली और सांस्कृतिक मूल्यों की तुलना आज के बदलते समय से की गई है।

Read More

ग्रंथ रथ और मूषक वाद्य दल ने खींचा ध्यान

पुणे का गणेशोत्सव अपनी भव्य और रंगीन परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। इस दौरान विभिन्न प्रकार के दृश्यात्मक प्रदर्शन, जीवंत दृश्य, धार्मिक, शिक्षाप्रद और सामाजिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियाँ होती हैं, साथ ही विसर्जन यात्रा की भव्य परंपरा भी देखने को मिलती है।

घर-घर आयोजित होने वाले गणेशोत्सव भी इस परंपरा से अछूते नहीं हैं। सुभाषनगर स्थित जेधे परिवार ने इस वर्ष भी एक शानदार दृश्य प्रस्तुत किया। उनके घर शुक्रवार को हुई विसर्जन यात्रा ने सभी का ध्यान खींचा।

Read More

हम बच्चे हैं…

यह रचना युद्ध और विनाश के बीच मासूम बच्चों की दृढ़ता और आशा को सामने लाती है। चारों ओर मलबा, बारूद की गंध और प्रियजनों की लाशों का दर्द भरा माहौल है, लेकिन बच्चे अब भी खेल रहे हैं, हँस रहे हैं और जीवन को थामे हुए हैं। उनकी हँसी एक विरोधाभास है—जहाँ दुख का महासागर गहरा है, वहीं उनकी निश्छलता और दिलकश मुस्कान उम्मीद की किरण जगाती है।

Read More

उज्जैन की बेटी ने पोलैंड में बढ़ाया भारत का मान

मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर के लिए गर्व का पल। नगर की ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर आयशा सना कुरैशी ने पोलैंड में आयोजित प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ‘मिस इंडिया पोलैंड 2025’ का ताज जीतकर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत और प्रदेश का नाम रोशन किया।

Read More
दो सखियों के बीच गहरी दोस्ती और आत्मीय रिश्ते को दर्शाता दृश्य

दो दिलों की खूबसूरत दोस्ती

कुछ रिश्ते खून के नहीं होते, फिर भी वे जीवन के सबसे करीब बन जाते हैं। यह कहानी है एक ऐसी सखी की, जिसके साथ ने दोस्ती को विश्वास, अपनापन और आत्मीयता का रूप दिया। जीवन की व्यस्तताओं के बीच मिला यह रिश्ता ईश्वर के दिए अनमोल उपहार जैसा महसूस होता है।

Read More