सरस्वती वंदना
हे स्वामिनी, ज्ञानदायिनी, भक्ति-प्रकाश उर में भर दे। माँ सरस्वती से ज्ञान, विवेक, संयम और शुद्ध लेखनी का वरदान माँगती यह सुंदर वंदना मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।

हे स्वामिनी, ज्ञानदायिनी, भक्ति-प्रकाश उर में भर दे। माँ सरस्वती से ज्ञान, विवेक, संयम और शुद्ध लेखनी का वरदान माँगती यह सुंदर वंदना मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।
विदेश की ठंडी हवाओं में भी दिल अपने वतन की खुशबू खोजता रहता है। यह कविता परदेस में रहकर भारत और अपनों की यादों को महसूस करने वाले हर भारतीय की भावनाओं को शब्द देती है।
रमजान 2026 के लिए 9 आसान और खूबसूरत मेहंदी डिज़ाइन जो कम समय में फेस्टिव लुक दें. अरबी ट्रेल, मंडला, लालटेन मोटिफ और जाली पैटर्न जैसे स्टाइल ईद के लिए भी परफेक्ट हैं.
बेंगलुरु। 25 जनवरी को बेंगलुरु की सड़कों पर एक अनोखा और दिल को छू लेने वाला दृश्य देखने को मिलेगा। हैप्पी एयर (Happpy AiR) और बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से पूरे शहर में “हैप्पी एयर परेड” निकाली जा रही है। यह परेड किसी एक रूट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के व्यस्ततम सार्वजनिक…
शेयर बाजार में अधिक रिटर्न का लालच देकर 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक से 22 करोड़ रुपये की साइबर ठगी. ठाणे और छत्रपति संभाजीनगर से चार आरोपी गिरफ्तार.
तुम मेरे आकाशगंगा का तारा हो—जो मेरे ख्वाहिशों के लिए टूटने को तैयार रहती हो, अपनी खुशियों, समय और संसाधनों को बटोरकर भी प्रकाश फैलाती रहती हो। तुम मुझे सपने सच करने का साहस देती हो और सिखाती हो कि दूसरों के लिए भी तारा बनना संभव है।
यह कविता एक आत्मीय संवाद की तरह है जिसमें जीवन से धीमे चलने की विनती की गई है। इसमें अकेलेपन, कठिन रास्तों और यादों की संगत को बहुत सहज भाव से व्यक्त किया गया है। कवयित्री कहती है कि जिन्दगी ने अपने हिस्से की धूप तो दी, पर अब वह ठंडी हवाओं और तन्हा रास्तों के बीच खुद को समेटे हुए है। बावजूद इसके, भीतर कहीं एक उम्मीद अब भी जीवित है कि शायद कोई राह ज़रूर होगी जो उसे उसके “जीवन” तक पहुँचा देगी।
मन की थकान वह पीड़ा है, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। “मन थके तो कौन?” कविता इसी अदृश्य दर्द को उजागर करती है, जहाँ तन की बीमारी का इलाज तो मिल जाता है, लेकिन मन के घाव केवल एक सच्चे अपने की उपस्थिति से ही भरते हैं। यह कविता हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी सबसे बड़ा सहारा सिर्फ सुनने वाला एक दिल होता है।
केरल हाईकोर्ट ने ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाई. अदालत ने सीबीएफसी के सर्टिफिकेशन पर सवाल उठाते हुए दो हफ्ते में आपत्तियों पर दोबारा विचार करने का निर्देश दिया.
मैं तुम्हें शब्दों में नहीं, तुम्हारी ख़ामोशी में चुनता हूँ। जैसे अँधेरी रात में जुगनू से रोशनी मिलती है, वैसे ही तुम मेरे भीतर उजाला भर देती हो। मैं तुम्हारे एकांत में भी तुम्हें प्रेम करता हूँ, क्योंकि वहाँ तुम सबसे सच्ची होती हो। सपनों में तुम्हारा कोई अंत नहीं होता — इसलिए तुम्हें मैं अपनी आख़िरी साँस तक माँगता रहूँगा।