टूटा डॉक्टर बनने का सपना, बनीं कॉमेडी की स्टार

मंजू बृजनंदन शर्मा का सम्मान समारोह, योगी आदित्यनाथ के साथ मंजू बृजनंदन शर्मा योगी आदित्यनाथ के साथ

असफलता से सफलता तक: हौसले की उड़ान हैं मंजू बृजनंदन शर्मा

रीमा राय सिंह, मुंबई

छोटे शहर से निकलकर बड़े मंच तक पहुंचने वाली मंजू बृजनंदन शर्मा आज लाखों लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर रही हैं. हाल ही में उन्हें उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित किया गया जो उनके संघर्ष, समर्पण और प्रतिभा का प्रमाण है. कभी डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली मंजू शर्मा ने असफलताओं को अपनी ताकत बनाया और अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई. मंजू बृजनंदन शर्मा की कहानी यह साबित करती है कि सपनों का रास्ता सीधा नहीं होता, लेकिन अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है. आज वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की जीती-जागती प्रेरणा हैं खासकर उन युवाओं के लिए, जो हार के बाद भी आगे बढ़ना जानते हैं. उनसे मुंबई की लेखिका रीमा राय सिंह ने लाइव वॉयर न्यूज के लिए बातचीत की. प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश-
प्रश्न 1: आपके शुरुआती जीवन और सपनों के बारे में बताइए?
उत्तर:
मेरा सपना बदला, लेकिन मेरा हौसला नहीं.
बचपन से ही मेरा सपना डॉक्टर बनने का था. मैंने साइंस से पढ़ाई की और मेडिकल की तैयारी भी की, लेकिन कई प्रयासों के बाद सफलता नहीं मिली. उस समय लगा कि सब खत्म हो गया लेकिन अब समझ आता है कि वही मेरी नई शुरुआत थी.
प्रश्न 2: अभिनय की ओर आपका रुझान कैसे हुआ?
उत्तर-
असफलता ही मेरी ताकत बनी. जब एक रास्ता बंद हुआ, तब मैंने खुद को समझने की कोशिश की. उसी दौरान थिएटर से जुड़ने का अवसर मिला और वहीं मुझे अपनी असली पहचान मिली. मंच ने मुझे आत्मविश्वास दिया और खुद को अभिव्यक्त करना सिखाया.
प्रश्न 3: आपके प्रशिक्षण का अनुभव कैसा रहा?
उत्तर:-
थिएटर ने मुझे गढ़ा. मैंने भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ से प्रशिक्षण लिया. वहां चयन होना ही मेरे लिए बड़ी उपलब्धि थी. कड़ी मेहनत, अनुशासन और सीखने की ललक ने मुझे आगे बढ़ने की ताकत दी.
प्रश्न 4: आपने कॉमेडी को ही अपनी पहचान क्यों बनाया?
उत्तर:
लोगों की हंसी ही मेरी जीत है.मुझे लगता है कि लोगों को हंसाना सबसे सच्ची खुशी देता है. जब दर्शक खुलकर हंसते हैं, तो लगता है कि मेरी मेहनत सफल हो गई. धीरे-धीरे कॉमेडी मेरी पहचान बन गई.
प्रश्न 5: हाल ही में मिले सम्मान को आप कैसे देखती हैं?
उत्तर
-सम्मान एक जिम्मेदारी है. योगी आदित्यनाथ से सम्मान प्राप्त करना मेरे लिए गर्व का क्षण है. यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि आगे और बेहतर करने की प्रेरणा भी है.
प्रश्न 6: युवाओं के लिए आपका संदेश क्या है?
उत्तर
: कभी हार मत मानिए. असफलता आपको गिराने नहीं, सिखाने आती है. खुद पर विश्वास रखें रास्ते अपने आप बनते जाएंगे.

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