साहित्य
संतुष्ट मुस्कान
अधूरी इच्छाओं और भागती जिंदगी के बीच सच्ची संतुष्टि कहाँ मिलती है? “संतुष्ट मुस्कान” कविता एक मासूम बालिका की मुस्कान में जीवन का गहरा दर्शन खोजती है।
मन का कोरा पन्ना
कुछ प्रश्न जीवन में हमेशा अनुत्तरित रह जाते हैं। “मन का कोरा पन्ना” प्रेम, पीड़ा, विवशता और अनकहे एहसासों की ऐसी ही संवेदनशील यात्रा है, जहाँ शब्दों से अधिक खामोशी बोलती है।
फिर छिड़ी बात फूलों की….
फूल प्रकृति का सबसे सुंदर उपहार हैं, जो सौंदर्य, सुगंध और भावनाओं का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं। उनकी खुशबू न केवल रिश्तों में मिठास घोलती है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करती है।
आधुनिक जीवनशैली का बच्चों पर असर
आज के बच्चों को हर सुविधा आसानी से मिल रही है, लेकिन इसके साथ वे शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं। आधुनिक जीवनशैली, फास्ट फूड और अत्यधिक लाड़-प्यार बच्चों के अनुशासन, संस्कार और आत्मनिर्भरता को प्रभावित कर रहे हैं।
नीट पेपर लीक : जिम्मेदार कौन?
NEET पेपर लीक केवल एक परीक्षा की विफलता नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के सपनों और विश्वास पर गहरा आघात है। वर्षों की मेहनत, परिवारों के त्याग और युवाओं के संघर्ष के बाद जब प्रश्नपत्र लीक होते हैं, तो केवल परीक्षा नहीं टूटती, बल्कि पूरा भरोसा बिखर जाता है। अब समय आ गया है कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय हो, दोषियों को कठोर सजा मिले और ऐसी पारदर्शी प्रणाली बनाई जाए जहाँ मेहनत का मूल्य पैसों और पहुंच से अधिक हो।
पिता : बिना दुनिया अधूरी
पिता केवल परिवार का आधार नहीं, बल्कि वह मौन शक्ति हैं जो अपने सपनों से पहले बच्चों की खुशियों को चुनते हैं। यह कविता पिता के प्रेम, त्याग और अपनत्व को समर्पित है।
विदेश में वतन की याद
विदेश की ठंडी हवाओं में भी दिल अपने वतन की खुशबू खोजता रहता है। यह कविता परदेस में रहकर भारत और अपनों की यादों को महसूस करने वाले हर भारतीय की भावनाओं को शब्द देती है।
उसने छोड़े नहीं थे, बस छिपा लिए थे सपने
कुछ लड़कियाँ अपने सपने छोड़ती नहीं, बस वक्त और जिम्मेदारियों के नीचे छिपा देती हैं। यह कहानी एक ऐसी ही लड़की की है, जिसने परिस्थितियों से समझौता किया, लेकिन अपने भीतर की पहचान को कभी मरने नहीं दिया।
