आँसुओं का हिसाब रखे ज़माना हुआ…
यह ग़ज़ल इश्क़ की तड़प, जज़्बातों के छल और सत्ता की विडंबना को एक साथ समेटती है। शमा, परवाना, कफ़न और मयखाने जैसे प्रतीकों के माध्यम से कवि ने दर्द और दौर-ए-वक़्त का सटीक चित्र खींचा है।

यह ग़ज़ल इश्क़ की तड़प, जज़्बातों के छल और सत्ता की विडंबना को एक साथ समेटती है। शमा, परवाना, कफ़न और मयखाने जैसे प्रतीकों के माध्यम से कवि ने दर्द और दौर-ए-वक़्त का सटीक चित्र खींचा है।
यह कविता एक ऐसी स्त्री की आवाज़ है जो हर जगह मौजूद होते हुए भी कहीं दर्ज नहीं थी। यह उसकी पहचान, उसकी अनसुनी चीख और उसके जीवित रहने के अधिकार की मार्मिक अभिव्यक्ति है।
यह कविता होली के रंगों में डूबी प्रेम और प्रतीक्षा की कथा कहती है। फागुन की पुरवाई, लाल-गुलाबी रंग और प्रियतम की स्मृतियाँ सब मिलकर विरह को और भी मधुर बना देते हैं। यह रचना उत्सव के बीच छुपी प्रेम की तड़प को खूबसूरती से अभिव्यक्त करती है।
यह कविता स्त्री की उन अधूरी इच्छाओं की कहानी कहती है जिन्हें समाज ने अपराध, पाप या विद्रोह घोषित कर दिया। प्रेम, सौंदर्य, आध्यात्म और स्वतंत्रता की चाह रखने वाली स्त्री हर मोड़ पर दंडित होती रही लेकिन अंततः वह अपनी ही आग में एक नई सत्ता बनकर उभरती है।
यह कविता “चिड़िया प्यासी है” जल संरक्षण और जीवदया का मार्मिक संदेश देती है। बदलते पर्यावरण और घटती चिड़ियों की संख्या के बीच यह रचना हमें याद दिलाती है कि पक्षियों के लिए पानी रखना भी एक बड़ी सेवा है।
यह लेख दर्शाता है कि किस तरह एक लड़की शादी के बाद बेटी से बहू बन जाती है, और कैसे समय आने पर उससे बेटी जैसा व्यवहार अपेक्षित किया जाता है। यह लेख रिश्तों में सच्चे अपनापन और समान सम्मान की आवश्यकता पर भावनात्मक प्रकाश डालता है।
“मुक्ति की उड़ान” एक सशक्त कहानी है जो दर्शाती है कि जब एक माँ अपने आत्मसम्मान और बेटी के भविष्य के लिए खड़ी होती है, तो वह समाज की हर रूढ़ि को तोड़ सकती है। यह कहानी नारी साहस, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल है।
व्हील ऑफ फॉर्च्यून के आगामी एपिसोड में अक्षय कुमार ने खुलासा किया कि उनकी पत्नी ही उनकी सबसे बड़ी आलोचक हैं. फिल्म रिलीज के बाद वह उनकी प्रतिक्रिया का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि घर में उन्हें मिलता है सबसे सच्चा रिव्यू.
उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने विधानसभा में प्रश्न उठाकर श्री महाकालेश्वर मंदिर की संपत्ति, दान, आय और व्यय का विस्तृत ब्योरा मांगा है. धार्मिक न्यास विभाग ने जानकारी एकत्रित किए जाने की बात कही है, जिससे मंदिर प्रबंधन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.