
शालिनी खन्ना, प्रसिद्ध लेखिका एवं गत्यात्मक ज्योतिष विशेषज्ञा
गोविंदपुरी, नई दिल्ली
यूँ हमें आजमाना नहीं चाहिए
आज कोई बहाना नहीं चाहिए
दिल कहे अब तुम्हारे ही दिल में रहूँ
और कोई ठिकाना नहीं चाहिए
गर बरसना है तो जम के बरसो अभी
बाद मौसम सुहाना नहीं चाहिए
काम करते रहो राह चलते रहो
व्यर्थ में दिन गंवाना नहीं चाहिए
कुछ नई खोज हो कुछ नया काम हो
राग सदियों पुराना नहीं चाहिए
काम आता रहा मुश्किलों में उसे
बाद ठेंगा दिखाना नहीं चाहिए
भावनाएं लिखी जिन खतों मे तुम्हे
उन खतों को जलाना नहीं चाहिए
दर्द जब भी मिले आंख से वार दो
आँसुओं को सुखाना नही चाहिए
Wao
बहुत ख़ूब 👌👌
धन्यवाद
बहुत आभार
Khub mast