जालंधर
पंजाब में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं. नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई ज़िले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. अब जालंधर में भी खतरा बढ़ गया है. सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार, गिदड़पिंडी- मखू रेलखंड पर बने पुल नंबर 84 पर पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने एहतियातन कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है. कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट (यात्रा बीच में रोक दी गई), शॉर्ट ओरिजिनेट (आधे रास्ते से शुरू की गई) और कुछ को अन्य मार्गों पर डायवर्ट किया गया है.
जनजीवन प्रभावित
बाढ़ का खतरा बढ़ने के साथ ही जालंधर और आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. निचले इलाकों में पानी भरने से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं. कई जगहों पर सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं. स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राहत दल लगातार निगरानी कर रहे हैं. लोगों को सतलुज नदी किनारे न जाने की सलाह दी गई है. निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है.
जालंधर में बाढ़ का संकट गहराया, कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट