बाहर बरसी बारिश, अंदर बरसा सावन का रंग

पूनम शर्मा स्नेहिल, जमशेदपुर
जमशेदपुर। बारीडीह स्थित विजया गार्डन में सावन का पावन महोत्सव बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। रंग-बिरंगे परिधानों, लहरिया और बांधनी साड़ियों से सजी महिलाओं ने गीत-संगीत, नृत्य और विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से सावन की खुशियों में रंग भर दिया। करीब पांच घंटे चले इस आयोजन में महिलाओं ने अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन करते हुए माहौल को उल्लास और उमंग से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम में पूर्णिमा साहू ने भी शिरकत की और महिलाओं के साथ सावन की खुशियों में शामिल होकर आयोजन में चार चांद लगाए। उनकी सहज और मिलनसार शख्सियत ने महिलाओं के बीच खास आकर्षण पैदा किया। आम जनता के बीच रहना, उनके साथ समय बिताना और उन्हें करीब से जानने-समझने का प्रयास करना उनकी कार्यशैली को दूसरों से अलग बनाता है। यही वजह रही कि उन्होंने भी महिलाओं के साथ पूरी आत्मीयता से इस उत्सव का आनंद लिया।

सावन की रंगीन शाम में लहरिया और बांधनी साड़ियों में सजी महिलाएं बेहद आकर्षक नजर आईं। गीत-संगीत की धुनों पर महिलाओं ने जमकर ठुमके लगाए और अपनी-अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। घर-परिवार की जिम्मेदारियों में अक्सर खुद को पीछे रखने वाली महिलाओं के चेहरे पर उस दिन खुशी और उत्साह की अलग ही चमक दिखाई दी।
आयोजन के दौरान महिलाओं के बीच हंसी-खुशी, मेहंदी और सोलह श्रृंगार का उल्लास देखने को मिला। बाहर बारिश की बूंदें सावन का एहसास करा रही थीं, वहीं क्लब हाउस के भीतर संगीत और नृत्य ने वातावरण को पूरी तरह सावनमय बना दिया।

पांच घंटे के इस कार्यक्रम के बाद महिलाएं अपने साथ खूबसूरत यादें लेकर अपने-अपने घर लौटीं। ऐसा लगा मानो उस दिन विजया गार्डन के क्लब हाउस में सावन ने खुद को समेट लिया हो। आयोजन ने महिलाओं को रोजमर्रा की व्यस्तताओं से कुछ पल निकालकर खुलकर खुशियां मनाने और एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर दिया।

आयोजन के समापन पर सभी ने कामना की कि मेहंदी, सोलह श्रृंगार और सावन की ये खुशियां हर महिला के जीवन में यूं ही बनी रहें और हर वर्ष सावन का यह रंग उनके जीवन में नई उमंग और उत्साह भरता रहे।
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